सूफी अम्बाप्रशाद भटनागर पुण्यतिथि

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देवभूमि न्यूज 24.इन

सूफी अम्बाप्रसाद भटनागर एक महान देशभक्त और पत्रकार थे, जिन्होंने अपने जीवन को भारत की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया था। उनका जन्म 1858 में मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश में हुआ था, और उनकी मृत्यु 30 सितंबर 1915 को हुई थी।

सूफी जी ने अपनी शिक्षा मुरादाबाद, बरेली और जालंधर में प्राप्त की और बाद में पत्रकारिता में रुचि लेने लगे। उन्होंने ‘जाम्मुल अमूल’ नामक समाचार पत्र निकाला, जिसके विचारों ने नवयुवकों में जागृति की लहर पैदा कर दी।

सूफी जी ने अपनी पत्रकारिता के माध्यम से अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाई और उनके भ्रष्टाचार को उजागर किया। उन्होंने भोपाल रियासत में अंग्रेज अधिकारी के घर में झाड़ू-पोंछे की नौकरी करके उसके भ्रष्टाचार के समाचार देश और विदेश में छपवाए।

सूफी जी को कई बार जेल जाना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने अपने जीवन को स्वतंत्रता की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया और अंततः 1915 में ईरान में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हो गए।

सूफी जी की शवयात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और उन्हें एक सुंदर स्थान पर दफनाया गया, जहां आज भी ईरान के लोग श्रद्धा से सिर झुकाते हैं। उनकी विरासत आज भी प्रेरणा का स्रोत है और उनकी कहानी हमें स्वतंत्रता के महत्व और देशभक्ति की भावना की याद दिलाती है।