देवभूमि न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली
देश में बुजुर्गों की आबादी बढ़ी है। खास बात है कि आबादी बढ़ने के साथ ही बुजुर्गों में डिमेंशिया, डिप्रेशन से लेकर हड्डियों की समस्या जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। वरिष्ठ नागरिकों पर किए गए एक हालिया स्टडी में पाया गया है कि 27 प्रतिशत जवाब देने वाले बुजुर्गे डिमेंशिया से पीड़ित हैं। वहीं, 20 प्रतिशत बुजुर्ग डिप्रेशन से पीड़ित हैं। स्टडी में सामने आया कि जबकि 40 प्रतिशत को हड्डियों से संबंधित समस्याएं हैं, जिससे बुजुर्गों की उचित देखभाल के बारे में जागरूकता की आवश्यकता पर बल मिलता है।
60 वर्ष की आयु के व्यक्तियों की हिस्सेदारी बढ़ी
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के एक दिन पहले शेयर किया गया यह निष्कर्ष 2023 के लिए लेटेस्ट सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) रिपोर्ट के मद्देनजर महत्वपूर्ण हो जाता है। इसमें भारत में बुजुर्गों की आबादी में वृद्धि दिखाई गई है। एसआरएस डेटा के अनुसार, 2023 में 60 वर्ष की आयु के व्यक्तियों की हिस्सेदारी बढ़कर 9.7 प्रतिशत हो गई।
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस 2025 मनाएगी सरकार
दूसरी तरफ, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस 2025 मनाएगा। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह कार्यक्रम वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सम्मानजनक और सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को उजागर करेगा। इसमें गरिमा के साथ वृद्धावस्था की थीम पर जोर दिया जाएगा। यह सहयोग, इनोवेशन और वरिष्ठ नागरिक-केंद्रित कल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के समग्र विकास को बढ़ावा देगा।