देवभूमि न्यूज 24.इन
भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा शनिवार को कहानी वाचन श्रृंखला में युवा पीढी को सृजनात्मकता की ओर मोड़ने तथा अपनी लोक संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से सप्ताहांत में स्कूली छात्रों के लिए कहानी वाचन सत्र के आयोजन में प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार सुदर्शन वशिष्ठ ने दो कहानियों में चार शिक्षाएं तथा किल्टा नामक लोक कथाओं को सुनाया।
इस श्रृंखला के अंतर्गत ऐतिहासिक गेयटी थियेटर परिसर के सम्मेलन कक्ष में कहानी वाचन सत्र के आयोजन में शिमला शहर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लालपानी तथा एस डी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गंज बाजार स्कूल के 60 छात्रों को चार शिक्षाएं तथा किल्टा नामक लघु लोककथाओं के माध्यम से वर्तमान में आपके हाथ में जो है उसका सदुपयोग करने तथा बीती हुए बातों पर पछतावा करने में समय व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए तथा किल्टा नामक लोककथा से बुजुर्गों के प्रति सेवाभाव, उनका आदर सम्मान करने के लिए प्रेरित किया। छात्रों को समय का सदुपयोग करने तथा स्कूली पाठ्यक्रम के अतिरिक्त देश के प्रख्यात कहानीकारों की कहानियों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया। जिस पर छात्रों ने कहानीकार से प्रश्न के माध्यम से संवाद किया तथा। कहानी लेखन की बारीकियों को समझा ।
उनकी इस कहानी पर स्कूलों से आए दर्जनभर छात्रों में ने विश्लेषणात्म टिप्पणियां दी।
विभाग के निदेशक रीमा कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा हर सप्ताहांत में अन्य जिलों में भी ऐसे आयोजनों को करवाया जाएगा।
इस अवसर पर उपनिदेशक कुसुम संघाईक, वरिष्ठ साहित्यकार भूप रंजन,जिला भाषा अधिकारी शिमला अनिल हारटा, सरोजना नरवाल उपस्थित रहे।