क्रांतिकारी दुर्गाभाभी जयंती 7 अक्टूबर पर विशेष

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देवभूमि न्यूज 24.इन

दुर्गा भाभी जयंती 7 अक्टूबर को मनाई जाती है उनका जन्म 7 अक्गुबर 1907 को हुआ था और मृत्यु 15 अक्टूबर 1999 को हुईभारत की महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी दुर्गावती देवी की आज जयंती है। उनका जन्म 7 अक्टूबर 1907 को उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के शहजादपुर गांव में सेवानिवृत न्यायाधीश पंडित बांके बिहारी नागर के घर हुआ था। वह भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे महान क्रांतिकारियों की सहयोगी थीं और उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।

दुर्गा भाभी के जीवन के मुख्य बिंदु:

जन्म और परिवार: दुर्गा भाभी का जन्म 7 अक्टूबर 1907 को शहजादपुर गांव में पंडित बांके बिहारी के घर में हुआ था। उनके पिता इलाहाबाद कलेक्ट्रेट में नाजिर थे और उनके दादा महेश प्रसाद भट्ट जालौन जिले में थानेदार थे।
विवाह और क्रांतिकारी जीवन: 11 वर्ष की आयु में दुर्गा भाभी का विवाह भगवती चरण वोहरा से हुआ, जो एक क्रांतिकारी संगठन के प्रचार सचिव थे। उन्होंने अपने पति के साथ क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लेना शुरू किया और जल्द ही वह खुद एक प्रमुख क्रांतिकारी बन गईं।
महत्वपूर्ण योगदान: दुर्गा भाभी ने भगत सिंह और उनके साथियों को लाहौर से सुरक्षित निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बम बनाने और क्रांतिकारियों को हथियार पहुंचाने में भी मदद की।
कारावास और नज़रबंदी: दुर्गा भाभी को 1931 में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उन्हें 15 दिन तक कारावास में रखा गया और फिर तीन वर्ष तक शहर में ही नजरबंद रखा गया।
आजादी के बाद का जीवन: आजादी के बाद, दुर्गा भाभी ने गाजियाबाद में एक स्कूल खोला और बच्चों को पढ़ाने लगीं। 15 अक्टूबर 1999 को 92 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।

दुर्गा भाभी की जयंती पर, हम उनके साहस, बलिदान और भारत की स्वतंत्रता के लिए उनके योगदान को याद करते हैं