शासन का रुख बदलने वालो में एक थे डॉ राम मनोहर लोहिया,पुण्य तिथि विशेष

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देवभूमि न्यूज 24.इन

डॉ. राम मनोहर लोहिया एक महान स्वतंत्रता सेनानी, समाजवादी नेता और चिंतक थे। उनका जन्म 23 मार्च 1910 को फैजाबाद में हुआ था और उन्होंने अपनी शिक्षा बर्लिन विश्वविद्यालय से प्राप्त की। लोहिया जी ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से भाग लिया और कई बार जेल गए।

लोहिया जी के विचार:
समाजवाद: लोहिया जी समाजवाद के प्रबल समर्थक थे और उनका मानना था कि समाजवाद ही देश की समस्याओं का समाधान कर सकता है।
वैश्विक नागरिकता: लोहिया जी विश्व नागरिकता के समर्थक थे और उनका मानना था कि सभी मानव एक हैं और देश की सीमाएं नहीं होनी चाहिए।


जनतंत्र: लोहिया जी जनतंत्र के प्रबल समर्थक थे और उनका मानना था कि जनता को अपने अधिकारों के लिए जागरूक और सक्रिय रहना चाहिए।

लोहिया जी का योगदान:
स्वतंत्रता संग्राम: लोहिया जी ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से भाग लिया और कई बार जेल गए।
समाजवादी आंदोलन: लोहिया जी ने समाजवादी आंदोलन का नेतृत्व किया और समाजवाद के सिद्धांतों को बढ़ावा दिया।
राजनीतिक नेतृत्व: लोहिया जी ने राजनीतिक नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई महत्वपूर्ण निर्णयों में भाग लिया।

लोहिया जी का निधन 12 अक्टूबर 1967 को हुआ था, लेकिन उनकी विरासत और विचार आज भी प्रासंगिक हैं।