देवभूमि न्यूज 24.इन
दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में एक मामले में दिल्ली जल बोर्ड को फटकार लगाई है, जहां एक 90 वर्षीय विधवा महिला को 4 साल तक खाली पड़े घर के लिए पानी का लाखों का बिल भेजा गया था। कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह याचिकाकर्ता के कुल पानी के बिल में से 5 लाख 24 हजार 449 रुपये की कटौती करे और नए सिरे से बिल जारी करे.¹ ²
दिल्ली जल बोर्ड की लापरवाही
दिल्ली जल बोर्ड की लापरवाही के कारण याचिकाकर्ता को परेशानी का सामना करना पड़ा। बोर्ड ने याचिकाकर्ता के घर के लिए पानी का बिल भेजना जारी रखा, जबकि घर 10 अगस्त 2017 से 19 नवंबर 2021 तक खाली था। इस दौरान कोई पानी की खपत नहीं हुई थी, फिर भी बिल बढ़ता रहा।

कोर्ट का आदेश
कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह याचिकाकर्ता के बिल की नए सिरे से गणना करे और एक नया बिल जारी करे। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि दिल्ली जल बोर्ड याचिकाकर्ता के बिल में से 5 लाख 24 हजार 449 रुपये की कटौती करे, जैसा कि बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में अनुशंसा की थी।
दिल्ली जल बोर्ड की जिम्मेदारी
इस मामले में दिल्ली जल बोर्ड की जिम्मेदारी तय होती है कि वह अपने उपभोक्ताओं के बिलों की सही गणना करे और उन्हें परेशानी से बचाए। बोर्ड को अपने सिस्टम में सुधार करने की जरूरत है ताकि इस तरह की गलतियां दोबारा न हों।
निष्कर्ष
दिल्ली हाई कोर्ट का यह आदेश दिल्ली जल बोर्ड के लिए एक सबक है कि वह अपने उपभोक्ताओं के प्रति अधिक जिम्मेदार और संवेदनशील हो। बोर्ड को अपने सिस्टम में सुधार करने और उपभोक्ताओं को परेशानी से बचाने के लिए कदम उठाने होंगे।
अगर आपके पास भी पानी के बिल से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप दिल्ली जल बोर्ड से संपर्क कर सकते हैं या कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। आप दिल्ली जल बोर्ड की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं या उनके कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।