देवभूमि न्यूज 24.इन
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की दिवाली इस बार फीकी पड़ गई है। प्रदेश में सबसे ज्यादा कर्मचारियों की संख्या वाले शिक्षा विभाग में जहां डीए, एरियर और पदोन्नतियों को लेकर खासा असंतोष है वहीं प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लम्बे समय से नियमितीकरण की राह देख रहे SMC, कम्प्यूटर और वोकेशनल शिक्षकों में सरकार के खिलाफ खासा रोष पनपा हुआ है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जिला सिरमौर के अध्यक्ष कपिल मोहन ठाकुर, प्रान्त उपाध्यक्ष विजय कंवर, जिला महामंत्री दीपक त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष राधेश्याम, ऋषिपाल शर्मा, मामराज चौधरी, ओंकार शर्मा, रोहित कुमार, रत्न शर्मा और बलदेव सिंह ने प्रैस विज्ञप्ति में कहा कि जहां पूरा देश और प्रदेश दिवाली को हर्षोल्लास से मना रहा है वहीं प्रदेश के शिक्षक लम्बित डीए, एरियर और पदोन्नतियों के लिए खुद को हताश और ठगा हुआ सा महसूस कर रहे हैं। प्रदेश में 16%डीए जुलाई 2023 से तथा एरियर लम्बे समय से लम्बित है, जिससे शिक्षकों की आर्थिक स्थिति पर महंगाई का भारी बोझ पड़ गया है। प्रदेश सरकार से उम्मीद थी कि लंबित डीए और एरियर का दिवाली से पहले भुगतान हो जाएगा लेकिन अभी तक निराशा ही हाथ लगी।
शिक्षा विभाग में लम्बे समय से कार्यरत 2104 SMC शिक्षक, 1300कंप्यूटर शिक्षक और 2100 वोकेशनल शिक्षक सरकार के वादानुसार नियमितीकरण के लिए पॉलिसी का इंतजार कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के 2035 शिक्षक जो पदोन्नति की राह देख रहे हैं, उनकी फाइलें भी अढ़ाई वर्ष से लम्बित पड़ी हुई है। जिसमें 270 टीजीटी से हेडमास्टर, जिनकी अढ़ाई वर्ष पूर्व डीपीसी पूर्ण हो चुकी है अभी तक लंबित है। हाइकोर्ट के आदेशानुसार टीजीटी से प्रवक्ता पदोन्नति प्रक्रिया को 14 अक्टूबर तक पूर्ण कर सूची निकलनी थी, वो भी नहीं निकली। 850 स्कूल प्रिंसिपल पदों की फाइलें भी जुलाई 2025 से लोक सेवा आयोग में लंबित है, जबकि हेडमास्टर से प्रिंसिपल पदोन्नति के लिए नए आवेदन 15 अक्टूबर तक मांगे गए हैं। जेबीटी और सीएंडवी से टीजीटी के लिए पदोन्नति सूची भी अढ़ाई वर्ष से लम्बित है। जिसमें 300 शिक्षक निराश हैं। जेबीटी से हेडटीचर के लिए पदोन्नतियां हो रही है लेकिन जेबीटी और सीएंडवी से टीजीटी के 25%पद भरने के लिए पदोन्नतियां लंबित है। लम्बे समय से प्रदेश के 900 स्कूलों में प्रिंसिपल के पद रिक्त है। प्रवक्ता व हेडमास्टर से प्रिंसिपल के पद पर पदोन्नति न होने से उनमें निराशा व असंतोष है।
कपिल मोहन ठाकुर ने कहा कि शिक्षक वर्ग हमेशा ही सरकार के साथ रहा है और पुरानी पेंशन बहाली जैसी मांगों को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार का कृतज्ञ भी है। शिक्षकों ने प्रदेश में आपदा के समय सरकार का कंधे से कंधा मिलाकर साथ भी दिया है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक आर्थिक और मानसिक रूप से सशक्त होगा, तभी वह सरकार के साथ मजबूती से खड़ा रह सकता है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मांग की है कि शिक्षकों के लम्बित डीए, एरियर और पदोन्नतियों सूचियों को शीघ्र से शीघ्र जारी किया जाए और SMC, कम्प्यूटर और वोकेशनल शिक्षकों को पॉलिसी में लाकर नियमितीकरण का तोहफा दिया जाए।