केदारनाथ धाम कपाट होंगे 23 अक्टूबर को बंद

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देवभूमि न्यूज 24.इन

केदारनाथ धाम के कपाट 23 अक्टूबर को बंद होंगे, लेकिन उससे पहले ही शनिवार को भकुंट भैरवनाथ जी के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कपाट बंद किए गए।

क्यों महत्वपूर्ण है भकुंट भैरवनाथ जी के कपाट बंद होना?

भकुंट भैरवनाथ जी को केदारनाथ धाम का क्षेत्ररक्षक माना जाता है।


हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, भैरव जी के बिना भगवान शिव का दर्शन अधूरा माना जाता है।
भकुंट भैरवनाथ जी शीतकाल में केदारनाथ मंदिर की रखवाली करते हैं।

केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया

23 अक्टूबर को केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होंगे।
कपाट बंद होने से पहले विशेष पूजा-अर्चना और भोग लगाया जाएगा।
इसके बाद पंचमुखी डोली की पूजा-अर्चना की तैयारियां शुरू हो जाएंगी।

भकुंट भैरवनाथ जी का मंदिर

भकुंट भैरवनाथ जी का मंदिर केदारनाथ मंदिर से आधा किमी दूर दक्षिण दिशा में स्थित है।
यहां मूर्तियां बाबा भैरव की हैं जो बिना छत के स्थापित की गई हैं।
भैरव को भगवान शिव का ही एक रूप माना जाता है।