प्रथम भारतीय सर्वेक्षक पंडित नैन सिंह रावत जयंती

Share this post

देवभूमि न्यूज 24.इन

पंडित नैन सिंह रावत एक महान भारतीय सर्वेक्षक थे जिन्होंने पर्वतीय क्षेत्र में सर्वेक्षण का काम किया। उनका जन्म 21 अक्टूबर 1830 को ग्राम मिलम (मुनस्यारी, उत्तराखंड) में हुआ था। उन्होंने अपनी यात्राओं में कई नदियों के उद्गम की खोज की और दुर्गम पुराने व्यापार मार्गों के मानचित्र बनाये। उनकी पुस्तक ‘अक्षांश दर्पण’ का वर्तमान सर्वेक्षक भी उपयोग करते हैं।

पंडित नैन सिंह रावत की उपलब्धियां

उन्होंने तिब्बत और लद्दाख की लम्बी यात्राएं कीं और वहां की भौगोलिक, आर्थिक, सामाजिक स्थिति का अध्ययन किया।
उन्होंने कई नदियों के उद्गम की खोज की और दुर्गम पुराने व्यापार मार्गों के मानचित्र बनाये।
उनकी पुस्तक ‘अक्षांश दर्पण’ का वर्तमान सर्वेक्षक भी उपयोग करते हैं।
उन्हें ‘राॅयल ज्योग्राफिकल सोसायटी, लंदन’ ने 18 मई, 1877 को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया।


27 जून, 2004 को भारत सरकार ने उनकी स्मृति में एक डाक टिकट जारी किया है।

पंडित नैन सिंह रावत का योगदान

उन्होंने पर्वतीय क्षेत्र में सर्वेक्षण का काम किया और कई नदियों के उद्गम की खोज की।
उनकी पुस्तक ‘अक्षांश दर्पण’ का वर्तमान सर्वेक्षक भी उपयोग करते हैं।
उन्होंने कई दुर्गम पुराने व्यापार मार्गों के मानचित्र बनाये।
उन्होंने नये सर्वेक्षकों को प्रशिक्षित भी किया।