विश्व आयोडीन अल्पता विकार निवारण दिवस

Share this post

देवभूमि न्यूज 24.इन

विश्व आयोडीन अल्पता विकार निवारण दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को आयोडीन की महत्ता के बारे में जागरूक करना है, जो मानसिक विकास, थाइरॉयड के सही तरीके से काम करने और शरीर के सम्पूर्ण विकास के लिए बहुत जरूरी है।

आयोडीन की कमी के प्रभाव

घेंघा रोग
हाइपोथायरायडिस्म
गर्भपात
गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क के विकास का रुक जाना
बच्चों में बौनापन
गर्भ में ही बच्चे की मृत्यु

आयोडीन की महत्ता

आयोडीन मनुष्यों में शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व है।


आयोडीन की कमी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए प्रतिदिन 150 माइक्रोग्राम आयोडीन का सेवन करना चाहिए।
आयोडीनयुक्त नमक और खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

आयोडीन अल्पता विकार निवारण दिवस का महत्व

लोगों को आयोडीन की महत्ता के बारे में जागरूक करना
आयोडीन की कमी से होने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी देना
आयोडीनयुक्त नमक और खाद्य पदार्थों का सेवन करने के लिए प्रेरित करना