दिवाली के बाद बचे हुए दीयों का क्या करें? जान लें इन्हें निस्तारित करने का ये धार्मिक नियम

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 देवभूमि न्यूज 24.इन

⭕दिवाली हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है. यह त्योहार हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है. पांच दिनों तक चलने वाले इस त्योहार को बेहद खास माना जाता है. मान्यता है कि अमावस्या के दिन देवी लक्ष्मी स्वयं रात्रि में पृथ्वी पर आती हैं और हर घर का भ्रमण करती हैं.

साथ ही लोगों को उनके कर्मों के अनुसार फल भी देती हैं. इसलिए लोग इस दौरान देवी को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय भी करते हैं. दिवाली के बाद बचे हुए दीयों का क्या करें ? अगर इन दीयों को फेंक दिया जाए तो क्या होगा? ऐसे कई सवाल मन में आते रहते हैं. दिवाली के बाद बचे हुए दीयों का क्या करें?

दिवाली के उपाय करने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. इसलिए दिवाली के बाद घर में पाँच दिवाली के दीये रखें और बचे हुए दीये बच्चों में बाँट दें. इस उपाय को करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है और व्यक्ति के जीवन से सभी दुख दूर होते हैं.

⚜️बहते पानी में प्रवाहित कर दें
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दिवाली के बाद जलते हुए दीयों को नदी या बहते पानी में छोड़ दें. ज़्यादातर लोग अपने घरों में बहुत सारे दीये रखते हैं, जो गलत है. क्योंकि पुराने दीये घर में नकारात्मकता बढ़ाते हैं. इससे घर की सुख-शांति छिन सकती है. इसलिए दिवाली के बाद दीयों को नदी में विसर्जित कर देना चाहिए.

⚜️घर में छुपाकर रखें
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दिवाली पर जलाए गए दीयों को ज़्यादातर लोग नदी में विसर्जित नहीं लकर पाते. अगर ऐसा है, तो उन्हें घर में छिपाकर रखें, लोगों की नज़रों से दूर. कहा जाता है कि दीये जलाने के बाद घर से बाहर निकलना शुभ नहीं होता. ज़्यादातर लोग दीवालियों और शोकाकुल लोगों के दीये विसर्जित नहीं कर पाते. कृपया कपड़े को जितना हो सके नीचे रखें, लोगों की नज़रों से दूर. कहा जाता है कि दीये जलाने के बाद घर से बाहर निकलना शुभ नहीं होता.

        🚩राम_राम_जी🚩