हिमाचल के जनजातीय इलाकों में बेटियों को हिन्दू उतराधिकार अधिनियम 1956 के तहत नहीं है पैतृक संपति का अधिकार – सुप्रीम कोर्ट

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देवभूमि न्यूज 24.इन

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल हाईकोर्ट के उस फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें जनजातीय क्षेत्रों में बेटियों को हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत पैतृक संपत्ति का अधिकार देने की बात कही गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में स्पष्ट किया है कि हिमाचल प्रदेश के जनजातीय इलाकों में बेटियों को पैतृक संपत्ति का अधिकार हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 के तहत नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला:
जनजातीय क्षेत्रों में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 लागू नहीं है


यहां अब भी कस्टमरी लॉ रिवाजे आम ही मान्य है
बेटियों को पैतृक संपत्ति का अधिकार नहीं मिलेगा

हाईकोर्ट का फैसला:
जनजातीय क्षेत्रों में बेटियों को हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत पैतृक संपत्ति का अधिकार देने की बात कही गई थी

सुप्रीम कोर्ट का तर्क:
अधिनियम की धारा 2(2) के अनुसार यह कानून अनुसूचित जनजातियों पर लागू नहीं होता
संविधान के अनुच्छेद 341 और 342 के तहत अनुसूचित जाति और जनजातियों की सूची में किसी भी प्रकार का परिवर्तन केवल राष्ट्रपति की अधिसूचना से ही किया जा सकता है