देवभूमि न्यूज 24.इन
सिरमौर जिला के शिलाई सिविल हॉस्पिटल में नवजात बच्ची की इलाज में लापरवाही के चलते हुई मौत के बाद क्षेत्र के लोगों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि शिलाई हॉस्पिटल में स्टाफ की लापरवाही से उनकी नवजात बच्ची की मौत हुई है।
कोटी -बोंच पंचायत के गांव कोटी के गोपाल सिंह ने बताया कि 22 अक्टूबर को शिलाई हॉस्पिटल में ही उनकी बच्ची ने जन्म लिया था। जन्म के समय बच्ची का वजन 3 किलों 300 ग्राम था और बच्ची पूरी तरह स्वस्थ थी। दूसरे दिन भी बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ थी, मगर देर शाम को बुखार होने से बच्ची की तबियत बिगड़ने लगी।

गोपाल ने आरोप लगाया कि रात को जब बच्ची की तबियत ज्यादा खराब हुई तो वह नर्स को बुलाने चले गए, लेकिन नर्स सोई हुई थी। उन्होंने रातभर नर्स को बार-बार उठाने के प्रयास किए, मगर वह नहीं उठी। बच्ची रात भर बुखार से तड़पती रही और नर्स पूरी रात चैन से सोती रही।
शिलाई के कार्यवाहक बीएमओ डॉ. शीतल ने अस्पताल प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप को निराधार बताया तथा कहा कि देर शाम को बच्ची को बुखार हो गया था। रात करीब 10 बजे एक डॉक्टर ने बच्ची को चेक किया और बुखार अधिक होने के कारण परिजनों को बच्ची को बड़े संस्थान में ले जाने की सलाह दी, मगर परिजन बच्ची को नहीं ले गए। इसके बाद रात करीब 12 बजे डॉक्टर फिर बच्ची को देखने उसके वार्ड में पहुंचे और बच्ची के हालात देखकर उन्होंने परिजनों को बच्ची को आगे भेजने की सलाह दी। परिजन अगले दिन बच्चे को पांवटा अस्पताल ले गए जहां पर बच्चे की मौत हो गई
उधर परिजनों ने इस मामले की जांच करवाने की मांग की है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।