देवभूमि न्यूज 24.इन
हिमाचल प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है, जैसा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है। उन्होंने नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1995 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून कांग्रेस पार्टी और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की दूरदृष्टि और सामाजिक न्याय की भावना का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि अधिनियम के उल्लंघन पर अत्याचार की गंभीरता के अनुसार सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि प्रदेश की 25.19 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जातियों से संबंधित है और राज्य सरकार उनके कल्याण के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सुविधा के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक योजनाओं के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के बीच भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा दिया जा रहा है
