देवभूमि न्यूज 24.इन
भगिनी निवेदिता (मार्गरेट एलिजाबेथ नोबल) का जन्म 28 अक्टूबर 1867 को आयरलैंड में हुआ था। वह एक आयरिश शिक्षिका, लेखिका और समाजसेविका थीं, जिन्होंने अपना जीवन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और महिला शिक्षा के लिए समर्पित किया था।
जीवन और कार्य:
भगिनी निवेदिता ने अपनी शिक्षा आयरलैंड में पूरी की और बाद में लंदन में एक शिक्षिका के रूप में काम किया। 1895 में, वह स्वामी विवेकानंद से मिलीं और उनके विचारों से प्रभावित होकर भारत आने का निर्णय लिया। 1898 में, वह कोलकाता पहुंचीं और स्वामी विवेकानंद के शिष्या बन गईं।

भगिनी निवेदिता ने कोलकाता में एक लड़कियों का स्कूल स्थापित किया और महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए काम किया। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई और बंगाल के क्रांतिकारियों के साथ जुड़ी रहीं मारी गई थीं।
महत्वपूर्ण योगदान:
भगिनी निवेदिता ने भारतीय संस्कृति और इतिहास पर कई पुस्तकें लिखीं, जिनमें “द वेब ऑफ इंडियन लाइफ” और “मिथ्स ऑफ द हिंदूज एंड बौद्ध्स” शामिल हैं। उन्होंने भारतीय महिलाओं के अधिकारों के लिए भी काम किया और उन्हें शिक्षा और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
निधन:
भगिनी निवेदिता का निधन 13 अक्टूबर 1911 को कोलकाता में हुआ था। उनकी मृत्यु के बाद, उन्हें भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और महिला शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए याद किया जाता है।