राष्ट्रीय एकता दिवस और सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती

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देवभूमि न्यूज 24.इन

प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। सरदार पटेल ने भारत के राजनीतिक एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उन्हें लौह पुरुष के नाम से भी जाना जाता है। इसका आरंभ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सन् 2014 में किया

सरदार वल्लभ भाई पटेल का जीवन

सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के खेड़ा जिले में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा अहमदाबाद और इंग्लैंड में प्राप्त की और वकालत की पढ़ाई की। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता थे और महात्मा गांधी के अनुयायी थे।

राष्ट्रीय एकता में योगदान

सरदार पटेल ने भारत के राजनीतिक एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विभिन्न रियासतों को भारत में शामिल करने के लिए काम किया और देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्व

राष्ट्रीय एकता दिवस हमें सरदार पटेल के आदर्शों और उनके द्वारा किए गए कार्यों की याद दिलाता है। यह दिन हमें देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है और हमें अपने देश के लिए एकजुट होकर काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
सरदार वल्लभ भाई पटेल एक महान नेता थे जिन्होंने भारत के राजनीतिक एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी जयंती के अवसर पर मनाए जाने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस हमें देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है।