प्रधानमंत्री बोले:विकसित भारत की इस अहम यात्रा में ब्रह्मकुमारीज संस्था की अहम भूमिका

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देवभूमि न्यूज 24.इन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के छत्तीसगढ़ नवा रायपुर में नवनिर्मित शांति शिखर एकेडमी फॉर ए पीसफुल वर्ल्ड रिट्रीट सेंटर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ विश्व शांति के प्रयासों का प्रमुख केंद्र होगा।

ब्रह्माकुमारीज़ की भूमिका: ब्रह्माकुमारीज़ ने स्वयं ही नहीं विश्व और ब्रह्मांड में शांति के प्रयासों से जोड़ा है।
विकसित भारत में योगदान: विकसित भारत की इस अहम यात्रा में ब्रह्माकुमारीज़ जैसी संस्था की अहम भूमिका है।
भारत की विश्व शांति में भूमिका: आज दुनिया में कहीं कोई संकट आता है, कोई आपदा आती है, भारत एक भरोसेमंद साथी के तौर पर मदद के लिए आगे पहुंचता है।
ब्रह्माकुमारीज़ के साथ जुड़ाव: मैं शांति शिखर की संकल्पना में उनके (दादी जानकी) विचारों को साकार होते हुए देख रहा हूं।

शांति शिखर की विशेषताएं:

आध्यात्मिक शिक्षा और ध्यान: ब्रह्माकुमारी आश्रम आध्यात्मिक शिक्षा, शांति और ध्यान का एक आधुनिक केंद्र है।
विश्व शांति का संदेश: यह संस्थान विश्व शांति के विचार से जुड़ने के लिए लोगों को प्रेरित करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन के दौरान के मुख्य आकर्षण:

छत्तीसगढ़ी टोपी और माला: अतिरिक्त महासचिव डॉ. बीके मृत्युंजय भाई ने छत्तीसगढ़ी टोपी और माला पहनाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
विश्व शांति की कामना: इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने विश्व शांति की कामना की और लोगों से आह्वान किया कि वे शांति और सद्भावना के लिए काम करें।