देवभूमि न्यूज 24.इन
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव समय पर ही होंगे। सरकार ने दावा किया है कि प्रदेश सरकार ने चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली हैं। लोगों की ओर आए आवेदन को भी प्रदेश सरकार ने रिव्यू किया है। विभाग की ओर से वार्डों के पुनर्सीमांकन का काम भी तकरीबन पूरा किया जा चुका है। प्रदेश में वर्ष 2011 की जनगणना के आधार को मानते हुए पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव होंगे। पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने इसकी पुष्टि की है। हिमाचल प्रदेश में जनवरी, 2026 में संस्थाओं का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नई पंचायतें नहीं बनेंगी। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में ग्राम पंचायतों की संख्या 3,577 है। यह संख्या नहीं बदलेगी। कुछेक पंचायतों के आकार में बदलाव होगा। विभागीय स्तर पर चुनाव की तैयारियां पूरी हैं। 31 जनवरी से पहले भी पंचायतों के चुनाव होंगे। पंचायतीराज चुनाव में नया रोस्टर लगाया जाना है या फिर रोटेशन के आधार पर रोस्टर लागू किया जाए, इस पर निर्णय लिया जाना है। चूंकि सरकार को शिकायतें मिली हैं कि कई पंचायतें ऐसी हैं जहां सीट महिलाओं के लिए ही आरक्षित चल रही है। ऐसे मामलों को भी सरकार देख रही है। वहीं प्रदेश सरकार ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों के तहत आने वाली ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन से संबंधित प्रस्ताव की समीक्षा कर 15 दिन में रिपोर्ट विभाग को भेजें।
राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों की तैयारियों में जुटा है। आयोग की ओर से भी जिला निर्वाचन अधिकारियों और उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि चुनावी व्यवस्थाओं की तैयारियां पूरी करें। पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग अपना काम कर रहा है। प्रदेश सरकार अपने स्तर पर तैयारियों में जुटा है। हिमाचल प्रदेश में समय पर पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव होने हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सड़कें कई क्षेत्रों में खराब है। यहां आपदा प्रबंधन अधिनियम भी लागू है।