*देवभूमि न्यूज 24.इन*
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कालेज एवं अस्पताल नेरचौक से 41 डॉक्टरों के एक साथ तबादले को लेकर प्रदेश सरकार पर राजनीतिक द्वेष भावना के साथ काम करने के आरोप लगाए हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि जब से प्रदेश में कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई है, तो अजीबोगरीब फैसले लेकर या तो संस्थान बंद किए जा रहे हैं या फिर उन्हें जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू व्यवस्था परिवर्तन का हवाला देते हुए अपना तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण करने वाले हैं, लेकिन व्यवस्था सुधारने के बजाय इसे पतन की ओर ले गए हैं।
ठाकुर ने कहा कि यह पहला अवसर नहीं है जब मुख्यमंत्री जहां भी जाते हैं, वहां देने के बजाए छीनने पर उतारू हैं। उन्होंने दो बार अंतरराष्ट्रीय मंडी शिवरात्रि महोत्सव में मुख्यमंत्री की घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि नेरचौक मेडिकल कालेज में एमआरआई मशीन स्थापित करने की बात कही गई थी, लेकिन तीन साल पूरे होने को हैं, उनकी घोषणा धरातल पर नहीं उतर पाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बनने के बाद से अब तक तीन वर्षों में एक बार भी रोगी कल्याण समिति गवर्निंग बॉडी की मीटिंग तक नहीं हुई। स्वास्थ्य मंत्री के पास यह महत्वपूर्ण बैठक करने का भी समय नहीं है। ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री हवा हवाई बातें करते हैं और जमीनी वास्तविकता से बाकिफ नहीं होते हैं। जब भी मंडी का दौरा होता है, तो कुछ न कुछ छीनकर ले जाते हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सबसे पहले मुख्यमंत्री ने मंडी में खोली गई प्रदेश की दूसरी सरदार वल्लभ भाई पटेल यूनिवर्सिटी को बंद करने का प्रयास किया और जब इसका विरोध किया गया, तो उसका दायरा घटाकर मात्र दो जिलों के कॉलेज तक सीमित कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नेरचौक स्थित अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी को बदले की भावना से सरकाघाट में शिफ्ट करने जा रहे हैं, ताकि मंडी वालों को राजनीतिक लाभ के लिए आपस में उलझाया जा सके।
ठाकुर ने कहा कि ऐसा वे कभी होने नहीं देंगे और मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी को इसका नुकसान आने वाले चुनावों में अवश्य उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अभी भाजपा के पास मंडी जिला में दस में से नौ विधायक हैं और मुख्यमंत्री की इन हरकतों की वजह से 2027 में भाजपा सभी दस सीटें जीतेगी।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर मंडी के विकास में भेदभाव और नेताओं के प्रति द्वेष भावना रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी सरकार के काम गिनाने के बजाए उन्हें टारगेट कर गालियां देने का काम करते हैं, जिससे उनका भला होने वाला नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अब व्यवस्था परिवर्तन का राग अलापना छोड़ विकास की तरफ ध्यान दें और बदले की भावना का त्याग करें। ठाकुर ने कहा कि जनता उनकी नीतियों से तंग आ चुकी है और ऐसे ही फैसले लेते रहे तो कांग्रेस को 2027 में दस सीटें भी हासिल नहीं होंगी।