क्या पलकों में भी डैंड्रफ होते है ? जानते है क्या पलकों के बाल भी गिरते है – डॉ सुमित्रा अग्रवाल

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डॉ सुमित्रा अग्रवाल
डायरेक्टर आर्टिफीसियल आई को
कोलकाता
यूट्यूब आर्टिफीसियल आई को

*देवभूमि न्यूज 24.इन*

ब्लेफराइटिस को आम भाषा में “आँखों का डैंड्रफ” भी कहा जा सकता है। “ब्लेफराइटिस ठीक वैसा ही है जैसे सिर में डैंड्रफ होता है — फर्क बस इतना है कि यहाँ ‘रूसी’ पलकों के किनारों पर होती है।”

क्यों कहते हैं ब्लेफराइटिस को आँखों का डैंड्रफ

जैसे सिर में डैंड्रफ (रूसी) होने पर त्वचा सूखती है, पपड़ी बनती है, खुजली और जलन होती है, वैसे ही ब्लेफराइटिस में पलकों के किनारों पर
सफेद या पीली पपड़ी जम जाती है, खुजली, जलन, चिपचिपाहट और कभी-कभी पलकों की सूजन होती है।

हमारी पलकों के किनारों पर बहुत छोटी तेल ग्रंथियाँ होती हैं। जब इनका तेल गाढ़ा होकर जम जाता है या बाहर नहीं निकलता, तो वहाँ बैक्टीरिया और डैंड्रफ जैसी परतें बनने लगती हैं।

अगर सिर में डैंड्रफ या त्वचा तैलीय हो, तो वह संक्रमण पलकों तक भी पहुँच सकता है।

ब्लेफराइटिस के दो मुख्य प्रकार:
पलकों की बाहरी सतह (जहाँ बाल हैं) पर डैंड्रफ जैसी पपड़ी होती है — यह सिर के डैंड्रफ से जुड़ा हो सकता है।
पलकों की अंदरूनी ग्रंथियाँ जाम हो जाती हैं — जिससे चिपचिपापन और जलन होती है।

लक्षण:
पलकों पर सफेद परत या पपड़ी। खुजली, जलन, भारीपन। सुबह आँखें चिपकना । सूखी आँखें या रेत जैसा एहसास होना। कभी-कभी फुंसी बनना

इलाज और देखभाल:

गुनगुने पानी में थोड़ा बेबी शैम्पू मिलाकर पलकों की सफाई रोज़ करें।
गर्म सेक करें → इससे तेल पतला होकर बाहर आता है। डॉक्टर द्वारा बताई गई मरहम लगाए।
सिर का डैंड्रफ भी ठीक करें
→ क्योंकि वही बार-बार पलकों को प्रभावित कर सकता है

मेकअप या पुराना आईलाइनर उपयोग न करें।