*देवभूमि न्यूज 24.इन*
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित ने बताया कि कुत्तों से होने वाले हाइड्रेट सिस्ट (Echinococcosis) एक परजीवी संक्रमण है जो Echinococcus टेपवॉर्म के अंडों के कारण होता है, जो कुत्तों के मल में पाए जाते हैं। यह मनुष्यों में फैल सकता है यदि वे कुत्ते के मल से दूषित भोजन, पानी या हाथों से संपर्क में आते हैं। यह संक्रमण लिवर और फेफड़ों जैसे अंगों में सिस्ट बना सकता है और इसे एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या माना जाता है। कुत्तों से होने वाले हाइड्रेट सिस्ट के मुख्य कारण।टेपवॉर्म संक्रमण: कुत्ते एक प्रकार के टेपवॉर्म से संक्रमित होते हैं जो उनके आंतों में विकसित होते हैं।अंडों का फैलाव: संक्रमित कुत्ता अपने मल में टेपवॉर्म के अंडे छोड़ता है।अंडों का संचरण: ये अंडे मिट्टी, पानी या दूषित भोजन के माध्यम से मनुष्यों में फैल सकते हैं। संक्रमित कुत्ते के फर पर भी अंडे हो सकते हैं, और पालतू जानवरों को छूने के बाद हाथ न धोने से भी संक्रमण हो सकता है। संक्रमण के बाद क्या होता है।लार्वा का विकास: मनुष्य द्वारा अंडे निगलने के बाद, लार्वा आंत की दीवार को भेदकर रक्तप्रवाह के माध्यम से शरीर के विभिन्न अंगों में पहुँच जाते हैं।सिस्ट का निर्माण: ये लार्वा लिवर और फेफड़ों जैसे अंगों में सिस्ट में विकसित हो जाते हैं।सिस्ट का बढ़ना: ये सिस्ट धीरे-धीरे बढ़ते हैं और लक्षण पैदा कर सकते हैं।संक्रमित कुत्तों के मल में परजीवी के अंडे होते हैं।जब कोई व्यक्ति इन अंडों के संपर्क में आता है, तो वह संक्रमित हो सकता है।संक्रमण इन तरीकों से फैल सकता है:दूषित पानी या भोजन (विशेषकर बिना धुली सब्जियां और पत्तेदार साग) का सेवन करना।संक्रमित कुत्तों को सहलाना या छूना और फिर बिना हाथ धोए मुंह से खाना।संक्रमित मिट्टी को छूना और फिर हाथ नहीं धोना। ये लार्वा खून के जरिए शरीर के अन्य हिस्सों में पहुँच सकते हैं, जैसे कि लिवर और फेफड़े।इन अंगों में ये लार्वा हाइड्रेटिड सिस्ट नामक द्रव से भरी गांठों का रूप ले लेते हैं।समय के साथ ये सिस्ट बड़े हो सकते हैं और अंग के सामान्य कामकाज को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। हाइड्रेटिड सिस्ट के लक्षण,हाइड्रेटिड सिस्ट के लक्षण आमतौर पर तब तक दिखाई नहीं देते जब तक कि सिस्ट बहुत बड़ा न हो जाए। लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि सिस्ट किस अंग में है।