*देवभूमि न्यूज 24.इन*
हिमाचल प्रदेश में बढ़ती आपदाओं और पर्यावरणीय संकट पर चर्चा करने के लिए एक दो दिवसीय जन-सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन 15-16 नवंबर, 2025 को साक्षरता भवन, मंडी निकट सौली खड्ड, हिमाचल प्रदेश में आयोजित किया जा रहा है
कार्यक्रम की रूपरेखा:
15 नवंबर, 2025: आपदा प्रभावितों की जनसुनवाई
आपदा प्रभावित अपनी बात रखेंगे और उनके अनुभवों को सुना जाएगा।
एक विशेषज्ञ समूह उनके अनुभवों का संकलन करेगा और प्रभावितों के पुनर्वास और सुरक्षित भविष्य के लिए अनुशंसा प्रस्तुत करेगा।
16 नवंबर, 2025: हिमालय में जलवायु संकट पर चर्चा और आगे की राह
हिमालय में बढ़ती आपदाओं पर विचार, पारिस्थितिकीय जोखिम आकलन और हिमालय के लिए विशेष नीति पर विमर्श।
भूमि उपयोग परिवर्तन (Land Use Change) और कानून पर चर्चा, जिसमें वन संरक्षण अधिनियम, वन अधिकार अधिनियम, हिमाचल प्रदेश टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म्स एक्ट 1972 (धारा 118) आदि अन्य कानून शामिल हैं।
हिमालय के लिए सतत विकास की रणनीति पर चर्चा, जिसमें पर्यावरण-अनुकूल, आजीविका, जैव विविधता और सामाजिक विविधता का सम्मान करने वाला विकास मॉडल / नीतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

यह सम्मेलन हिमालय क्षेत्र, विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश के गहराते पर्यावरणीय संकट, बदलते जलवायु परिदृश्य, आपदा अनुभवों और स्थानीय समुदायों की आवाज़ों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास है।
आयोजक
एकल नारी शक्ति संगठन, भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच, हिमालय नीति अभियान, हिमलोक जागृति मंच, हिमाचल ज्ञान-विज्ञान समिति, हिमधरा पर्यावरण समूह, जीभी वैली टूरिज्म डेवलपमेंट एसोसिएशन, लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान, मंडी साक्षरता समिति, पीपल फॉर हिमालय अभियान, पर्वतीय महिला अधिकार मंच, सामाजिक आर्थिक समानता के लिए जन अभियान, सेव लाहौल-स्पीति, टावर लाइन शोषित जागरुकता मंच हिमाचल प्रदेश।