शिमला के सुन्नी में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत मिनी मैराथन का आयोजन

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देवभूमि न्यूज 24.इन

शिमला जिला के उपमंडल सुन्नी में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत मिनी मैराथन का सफल आयोजन किया गया, जिसकी थीम “हमारा सुन्नी रहे चिट्टा मुक्त” रही। इस आयोजन में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता को पुरुष एवं महिला वर्ग में विभाजित करते हुए विभिन्न आयु वर्गों के अनुसार दौड़ आयोजित की गई।

नशा मुक्ति अभियान को सशक्त बनाने हेतु बच्चों के बीच पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें उपमंडल सुन्नी के विभिन्न विद्यालयों के छात्रों ने भाग लिया और पेंटिंग के माध्यम से नशा-मुक्ति का सार्थक संदेश दिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

यह सुन्नी क्षेत्र की पहली ऐसी मुहिम रही जिसमें सभी आयु वर्ग—बच्चों, युवाओं से लेकर बुज़ुर्गों तक—ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपना उत्साह प्रदर्शित किया। प्रतिभागियों के मनोबल को बढ़ाने हेतु स्थानीय प्रशासन द्वारा बच्चों को रिफ्रेशमेंट, टोपी एवं टी-शर्ट वितरित की गईं।

कार्यक्रम के उपरांत विजेताओं को सम्मानित करने का कार्य अध्यक्ष, कोऑपरेटिव सोसाइटी बैंक, श्री देविन्द्र सिंह श्याम जी द्वारा किया गया। इसके साथ ही अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने उपस्थित रहकर इस अभियान को सहयोग प्रदान किया तथा समाज को नशा-मुक्त बनाने के संदेश को आगे बढ़ाया।

कार्यक्रम के दौरान कल्याण विभाग द्वारा संचालित नशा मुक्ति योजना के अंतर्गत सभी प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी उपस्थित लोगों को तंबाकू का प्रयोग न करने की शपथ दिलाई गई।

कार्यक्रम के अंत में आदरणीय एस.डी.एम. महोदय, श्री राजेश वर्मा जी ने सभी प्रतिभागियों—युवाओं, बुज़ुर्गों एवं बच्चों—को संबोधित करते हुए नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
उन्होंने यह भी अवगत करवाया कि नशा-मुक्ति की इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आगामी कार्यक्रम 21 नवंबर 2025 को उप-तहसील जलोग में आयोजित किया जाएगा, जिसमें स्थानीय युवाओं, महिलाओं एवं बच्चों को इस मुहिम के अंतर्गत जागरूक किया जाएगा।

उपमंडल प्रशासन ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के उपयोगी एवं जन-जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम सुन्नी उपमंडल में निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि समाज को नशा-मुक्त, स्वस्थ एवं अधिक जागरूक बनाने के लक्ष्य को सुदृढ़ किया जा सके।