विश्व हेलो दिवस: शांति और संचार का प्रतीक

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देवभूमि न्यूज 24.इन

हर साल 21 नवंबर को विश्व हेलो दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य शांति और संचार को बढ़ावा देना है। इस दिन की शुरुआत 1973 में हुई थी, जब मिस्र और इज़राइल के बीच संघर्ष चल रहा था। दो भाइयों, ब्रायन और माइकल मैककॉर्मैक ने इस दिन की शुरुआत की, उनका मानना था कि एक साधारण “हैलो” कहकर लोग आपसी बातचीत को बढ़ा सकते हैं और संघर्षों को सुलझा सकते हैं ।

विश्व हेलो दिवस का महत्व इस बात में है कि यह हमें याद दिलाता है कि हम सभी एक ही दुनिया में रहते हैं और हमारे बीच मतभेदों से ज्यादा समानताएं हैं। इस दिन, लोगों को कम से कम 10 लोगों को गर्मजोशी से “हैलो” कहकर अभिवादन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, खासकर अजनबियों को। यह दिन नए लोगों से मिलने और नए दोस्त बनाने का एक अच्छा अवसर है, साथ ही यह शांति और संचार के महत्व को भी उजागर करता है।

आज, विश्व हेलो दिवस को 180 देशों में मनाया जाता है और इसे नोबेल शांति पुरस्कार विजेताओं, मशहूर हस्तियों, लेखकों और अन्य प्रभावशाली हस्तियों से समर्थन प्राप्त हुआ है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि एक साधारण शब्द जैसे “हैलो” भी दुनिया में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।