देवभूमि न्यूज नेटवर्क
हिमाचल प्रदेश
शिमला। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कांगड़ा में आयोजित भाजपा की रैली को “ऐतिहासिक” बताते हुए दावा किया कि इस रैली ने कांग्रेस सरकार को बैकफुट पर ला दिया है। उन्होंने कहा कि भारी संख्या में आए लोगों और कार्यकर्ताओं ने सरकार के प्रयासों को नकार दिया, जिनमें रैली में पहुंचने से रोकने का आरोप शामिल है।
कश्यप ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं में रोष बढ़ रहा है, और यदि वर्तमान परिस्थितियों में चुनाव कराए जाएं तो “कांग्रेस पार्टी ढूंढने से भी नहीं मिलेगी”।
सांसद ने कहा कि भाजपा प्रदेश में कांग्रेस की “जनविरोधी नीतियों” के विरोध में व्यापक आंदोलन छेड़ेगी और पार्टी का लक्ष्य इस सरकार को दोबारा सत्ता में लौटने से रोकना है। उन्होंने कांग्रेस पर सनातन विरोधी, जन विरोधी और विकास विरोधी होने का आरोप लगाया। कश्यप के अनुसार, सत्ता में आने के बाद से प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े हैं और सरकार “झूठे वादों व खोखले दावों” में उलझी हुई है।
भूमिहीनों और गरीबों के मुद्दे पर बोलते हुए कश्यप ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार की नीति का उद्देश्य सरकारी जमीन पर दशकों से रह रहे परिवारों को कानूनी हक देना था, लेकिन मौजूदा कांग्रेस सरकार अदालत में अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने में विफल रही। उनके अनुसार, 1.24 लाख से अधिक परिवार बेघर होने के संकट का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार इन गरीब परिवारों के घर बचाने के लिए ठोस कदम उठाएगी या उन्हें सड़कों पर छोड़ दिया जाएगा। कश्यप ने कहा कि भाजपा गरीब, किसान, मजदूर और युवाओं के मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी और कांग्रेस सरकार की “जनविरोधी सच्चाई” को हर घर तक पहुंचाएगी।