देवभूमि न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण नियम लागू कर दिया है। अब योजना की 17वीं किस्त प्राप्त करने के लिए ‘किसान ID’ (Farmer ID) अनिवार्य कर दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों के पास यह डिजिटल पहचान उपलब्ध नहीं होगी, उनके खातों में अगली किस्त जारी नहीं की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार यह नया नियम देश के 14 राज्यों में लागू किया जा चुका है और जल्द ही अन्य राज्यों में भी इसे लागू करने की तैयारी की जा रही है।
डिजिटल किसान ID क्यों आवश्यक?
केंद्र सरकार के अनुसार डिजिटल किसान ID लाने का उद्देश्य किसानों का एक व्यापक और पारदर्शी डेटाबेस तैयार करना है। इससे फर्जी किसानों की पहचान की जा सकेगी,
बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी
लाभ सीधे वास्तविक किसानों तक पहुंचेगा
किसानों की जमीन, फसल और अन्य कृषि संबंधी सूचनाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेंगी।
सरकार का मानना है कि इस ID के माध्यम से भविष्य में किसानों को मिलने वाली अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी सीधे और तेज़ी से पहुंचाया जा सकेगा।
किसान ID कैसे बनवाएं?
किसान ID बनाने के लिए सरकार ने तीन आसान विकल्प उपलब्ध कराए है
सेल्फ रजिस्ट्रेशन: सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन।
कॉमन सर्विस सेंटर : नजदीकी CSC पर जाकर रजिस्ट्रेशन।
स्थानीय कृषि कार्यालय: कृषि विभाग के अधिकारियों की मदद से आवेदन।
आवश्यक दस्तावेज
आधार कार्ड
जमीन संबंधी दस्तावेज
बैंक पासबुक या बैंक विवरण
सरकार ने सभी किसानों से अपील की है कि वे 17वीं किस्त समय पर प्राप्त करने के लिए जल्द से जल्द अपनी किसान ID बनवाएं। ऐसा न करने पर आगामी किस्त रुक सकती है।