सरकार की मुहिम में बड़ा खुलासा: हिमाचल के 60 सरकारी कर्मचारी चिट्टा तस्करी में शामिल

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देवभूमि न्यूज नेटवर्क
शिमला

हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। जांच में पाया गया है कि नशे के इस अवैध नेटवर्क में राज्य के 60 सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि इनमें 15 पुलिसकर्मी भी शामिल पाए गए हैं—यानी वही विभाग, जिसका दायित्व नशे को रोकना है, उसके कुछ सदस्य खुद इस गोरखधंधे का हिस्सा बन बैठे।

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने इस खुलासे के बाद तुरंत सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। सरकार ने स्पष्ट कहा है कि नशे और भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

10 दिसंबर तक पूरी रिपोर्ट मांगी

हिमाचल सरकार ने पुलिस विभाग को निर्देश दिया है कि वह 10 दिसंबर तक चिट्टा तस्करी में संलिप्त सभी सरकारी कर्मचारियों का विस्तृत रिकॉर्ड प्रस्तुत करे। यह कदम सरकारी तंत्र में मौजूद भ्रष्ट तत्वों को पहचानने और प्रणाली को शुद्ध करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

सरकारी नौकरी के बावजूद नशे के कारोबार में शामिल लोग

जांच में सामने आया है कि सरकारी नौकरी होने के बावजूद कई कर्मचारी लालच में आकर नशे के कारोबार को बढ़ावा दे रहे थे। यह सवाल खड़ा होता है कि छोटे से राज्य में जब 60 कर्मचारी पकड़े जा चुके हैं, तो अभी कितने ऐसे लोग होंगे जो पर्दे के पीछे सक्रिय हैं और जिनका भंडाफोड़ होना बाकी है।

फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां ऐसे सभी संदिग्ध चेहरों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं, ताकि नशे की इस पूरी चेन को जड़ से समाप्त किया जा सके।