श्रीगणेश के मनपसंद 20 पत्तों और उनके 20 मंत्रों का विधान

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✍️ देवभूमि न्यूज 24.इन

  1. भगवान श्रीगणेश को शमी पत्र चढ़ाकर ‘सुमुखाय नम:’ कहें। इसके बाद क्रम से यह पत्ते चढ़ाएं और नाम मंत्र बोलें –
  2. बिल्वपत्र चढ़ाते समय जपें ‘उमापुत्राय नम:।’
  3. दूर्वादल चढ़ाते समय जपें ‘गजमुखाय नम:।’
  4. बेर चढ़ाते समय जपें ‘लंबोदराय नम:।’
  5. धतूरे का पत्ता चढ़ाते समय जपें ‘हरसूनवे नम:।’
  6. सेम का पत्ता चढ़ाते समय जपें ‘वक्रतुंडाय नम:।’
  7. तेजपत्ता चढ़ाते समय जपें ‘चतुर्होत्रे नम:।’
  8. कनेर का पत्ता चढ़ाते समय जपें ‘विकटाय नम:।’
  9. कदली या केले का पत्ता चढ़ाते समय जपें ‘हेमतुंडाय नम:।’
  10. आक का पत्ता चढ़ाते समय जपें ‘विनायकाय नम:।’
  11. अर्जुन का पत्ता चढ़ाते समय जपें ‘कपिलाय नम:।’
  12. महुआ का पत्ता चढ़ाते समय जपें ‘भालचन्द्राय नम:।’
  13. अगस्त्य वृक्ष का पत्ता चढ़ाते समय जपें ‘सर्वेश्वराय नम:।’
  14. वनभंटा चढ़ाते समय जपें ‘एकदंताय नम:।’
  15. भंगरैया का पत्ता चढ़ाते समय जपें ‘गणाधीशाय नम:।’
  16. अपामार्ग का पत्ता चढ़ाते समय जपें ‘गुहाग्रजाय नम:।’
  17. देवदारु का पत्ता चढ़ाते समय जपें ‘वटवे नम:।’
  18. गांधारी वृक्ष का पत्ता चढ़ाते समय जपें ‘सुराग्रजाय नम:।’
  19. सिंदूर वृक्ष का पत्ता चढ़ाते समय जपें ‘हेरम्बाय नम:।’
  20. केतकी पत्ता चढ़ाते समय जपें ‘सिद्धिविनायकाय नम:।’

आखिर में दो दूर्वादल गंध, फूल और चावल गणेशजी को चढ़ाना चाहिए।

✍️ज्यो:शैलेन्द्र सिंगला पलवल हरियाणा mo no/WhatsApp no9992776726
नारायण सेवा ज्योतिष संस्थान