मनरेगा समाप्त करना गरीबों के साथ अन्याय : मुख्यमंत्री सुक्खू

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देवभूमि न्यूज नेटवर्क
इंदौरा (कांगड़ा)
हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त करना गरीबों के हितों पर कुठाराघात और उनके साथ गंभीर अन्याय है। मनरेगा योजना गरीब से गरीब व्यक्ति के लिए रोजगार का मजबूत सहारा रही है और कोरोना जैसे कठिन समय में भी यह योजना लोगों के साथ खड़ी रही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह प्रयास गरीब विरोधी है, जिसका कड़ा विरोध किया जाएगा।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को कांगड़ा जिला के इंदौरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित इंदौरा उत्सव के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने मनरेगा को समाप्त कर उसके स्थान पर नया विधेयक लाने के केंद्र सरकार के निर्णय की कड़ी निंदा की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चिट्टा मुक्त हिमाचल थीम पर आयोजित कार्यक्रम के लिए आयोजकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश में रोजगार व स्वरोजगार के अनेक नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि शीघ्र ही राज्य चयन आयोग के माध्यम से विभिन्न विभागों में हजारों पदों पर भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान शुरू किया है, जो अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है।