शिलाई क्षेत्र के गांव पशमी में छत्रधारी चालदा महासू महाराज के मंदिर में उत्तराखंड के शिक्षामंत्री धन सिंह रावत ने सपरिवार नवाया शीश

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  *देवभूमि न्यूज नेटवर्क*
  *कार्तिकेय तोमर-शिलाई*
  *सिरमौर,हिमाचल प्रदेश*

देवभूमि हिमाचल के सिरमौर जिला अंतर्गत उपमंडल शिलाई के गांव पशमी में इन दिनों भक्ति, आस्था और श्रद्धा की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है। उत्तराखंड से पहली बार पधारे छत्रधारी चालदा महासू महाराज के दिव्य आगमन ने पूरे क्षेत्र को धर्ममय कर दिया है। पशमी गांव मानो महासू महाराज की कृपा से तपोभूमि में परिवर्तित हो गया हो।
15 दिसंबर की पावन प्रातः बेला, जब रात्रि का अंधकार छंट रहा था और देववाणी गूंज रही थी, ठीक प्रातः 4 बजे छत्रधारी चालदा महासू महाराज अपने नव-निर्मित भव्य मंदिर में विधिवत विराजमान हुए। इस दिव्य क्षण के साक्षी बनने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु उमड़ पड़े। हिमाचल ही नहीं, उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों से भी आस्थावान भक्त लगातार पशमी गांव पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि महासू महाराज का यह प्रवास एक वर्ष तक रहेगा, जिसे लेकर क्षेत्र में विशेष धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक चेतना का वातावरण बना हुआ है।
इसी पावन क्रम में आज उत्तराखंड सरकार के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत सपरिवार पशमी गांव पहुंचे। उन्होंने छत्रधारी चालदा महासू महाराज के चरणों में श्रद्धा भाव से शीश नवाया और परिवार, क्षेत्र तथा समस्त जनमानस की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच आस्था का ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने हर भक्त के मन को भावविभोर कर दिया।
मंत्री धन सिंह रावत ने इस अवसर पर कहा कि महासू महाराज केवल देवता नहीं, बल्कि हिमाचल और उत्तराखंड की साझा संस्कृति, परंपरा और लोकआस्था के जीवंत प्रतीक हैं। उनके आगमन से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा और धार्मिक चेतना का संचार हुआ है।
छत्रधारी चालदा महासू महाराज के प्रवास से पशमी गांव आज श्रद्धा का केंद्र बन चुका है। हर दिशा से उठती “महासू महाराज की जय” की गूंज मानो यह संदेश दे रही है कि देवता की कृपा से क्षेत्र सदा सुख-समृद्धि और शांति की राह पर अग्रसर रहेगा।