देवभूमि न्यूज नेटवर्क
पांवटा साहिब (सिरमौर)
हिमाचल प्रदेश
विषय विशेषज्ञ एवं पूर्व महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र साक्षी सती ने जानकारी दी कि सिरमौर जिला में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के उद्यमियों को बढ़ावा देने तथा उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पांवटा साहिब के औद्योगिक क्षेत्र स्थित हिमाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स एवं उद्योग (एचसीसीआई) में रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (रेंप) कार्यक्रम के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस जागरूकता कार्यक्रम में फार्मा, प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग, इलेक्ट्रिकल, ऑटो कंपोनेंट तथा खाद्य पदार्थों से संबंधित एमएसएमई उद्यमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सीईएल के विशेषज्ञ इल्याराजा सावरी मारयादास ने एमएसएमई के आधुनिक संचालन, गुणवत्ता में सुधार, उपकरणों की कार्यक्षमता बढ़ाने तथा लागत मूल्य घटाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) सहित अन्य आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी।
साक्षी सती ने बताया कि रेंप कार्यक्रम भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, इसलिए इस क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने, आर्थिक विकास को गति देने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए रेंप कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
इस अवसर पर सतीश गोयल तथा बालमुकुंद अग्रवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए और एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने पर बल दिया।