मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला विंटर कार्निवाल का किया शुभारंभ

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देवभूमि न्यूज नेटवर्क
हिमाचल प्रदेश
शिमला

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रिज मैदान, शिमला में नगर निगम शिमला द्वारा आयोजित शिमला विंटर कार्निवाल का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सांस्कृतिक परेड को झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसमें प्रदेश के सभी जिलों से आए सांस्कृतिक दलों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने गेयटी थियेटर में आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी तथा टाउन हॉल के समीप महानाटी और होम गार्ड इंटर बटालियन बैंड प्रतिस्पर्धा का भी अवलोकन किया। उन्होंने ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’ थीम पर आधारित इस कार्निवाल के सफल आयोजन के लिए नगर निगम शिमला को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्निवाल के दौरान मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आए पर्यटकों से संवाद कर उनके अनुभव भी जाने। उन्होंने पर्यटकों का स्वागत करते हुए कहा कि हिमाचल की शांत वादियां और शुद्ध वातावरण न केवल आनंद प्रदान करता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को प्रकृति ने अभूतपूर्व सौंदर्य से नवाजा है और इसकी मनोरम वादियां हर वर्ष करोड़ों पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रदर्शन पर भी विशेष ध्यान दे रही है। शिमला विंटर कार्निवाल के माध्यम से पर्यटकों को ‘पहाड़ों की रानी’ शिमला में विविध सांस्कृतिक एवं मनोरंजक अनुभव उपलब्ध कराए गए हैं। इसी तर्ज पर धर्मशाला में भी कार्निवाल आयोजित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय आर्थिकी को संबल मिलता है और प्रदेश में पर्यटकों के आगमन में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। ईको-टूरिज्म की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए प्रदेश सरकार ने संशोधित ईको-टूरिज्म नीति अधिसूचित की है। इसके अंतर्गत वन विभाग द्वारा 11 ईको-टूरिज्म स्थलों का आवंटन किया जा चुका है, जबकि 27 अन्य स्थलों के आवंटन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। वर्ष 2023 से नवंबर 2025 तक विभिन्न ईको-टूरिज्म गतिविधियों से लगभग 6 करोड़ रुपये की आय अर्जित की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि होम-स्टे को प्रोत्साहित करने के लिए ब्याज पर अनुदान योजना शुरू की गई है तथा होम-स्टे पंजीकरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी आरंभ किया गया है। इसके अतिरिक्त पर्यटन क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से पर्यटन निवेश प्रोत्साहन परिषद का गठन किया गया है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, एआईसीसी सचिव विदित चौधरी, विधायक हरीश जनारथा एवं विवेक शर्मा, महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप-महापौर ऊमा कौशल, राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल त्रिवेदी एवं अभिषेक त्रिवेदी, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजिव गांधी, नगर निगम आयुक्त भूपेन्द्र अत्री, नगर निगम के पार्षद एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।