देवभूमि न्यूज 24.इन
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश में चिट्टे के खिलाफ व्यापक जन-आंदोलन के तहत आज बिलासपुर में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) से लुहणू मैदान तक आयोजित एंटी-चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन का नेतृत्व किया। इस वॉकथॉन में समाज के सभी वर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बड़ी संख्या में विद्यार्थी, जन प्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए और पूरा बिलासपुर शहर चिट्टा विरोधी नारों से गूंज उठा।
वॉकथॉन से पूर्व मुख्यमंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर में उपस्थित लोगों को चिट्टे एवं मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध जागरूकता शपथ दिलाई। लुहणू मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समाज के प्रत्येक वर्ग से चिट्टे के खिलाफ जन-आंदोलन का हिस्सा बनने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की चिट्टे के खिलाफ लड़ाई इसलिए है, क्योंकि यह हमारे बच्चों और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि समाज में बदलाव हमेशा युवाओं ने ही लाया है और इस बार भी युवा ही आगे आकर हिमाचल को चिट्टे से मुक्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि चिट्टा कोई साधारण नशा नहीं, बल्कि एक ऐसा जहर है जो बच्चों की मुस्कान छीन लेता है, युवाओं के सपनों को जला देता है और परिवारों व समाज को तबाह कर रहा है। इसी गंभीरता को देखते हुए 15 नवंबर को शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान से चिट्टे के खिलाफ जन-आंदोलन की शुरुआत की गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में शीघ्र ही एंटी-चिट्टा वॉलंटियर योजना शुरू की जा रही है, जिसके तहत कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, एनसीसी, एनएसएस, युवा क्लबों और समाज के जागरूक युवाओं को एंटी-चिट्टा वॉलंटियर के रूप में जोड़ा जाएगा, ताकि वे इस लड़ाई के योद्धा बन सकें।
उन्होंने कहा कि चिट्टा तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के साथ-साथ नशे के शिकार व्यक्तियों के पुनर्वास पर भी सरकार गंभीरता से काम कर रही है। सिरमौर जिला के कोटला बड़ोग में बन रहे पुनर्वास केंद्र के लिए राज्य सरकार द्वारा 20 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की कार्रवाई केवल भाषणों, नारों या वॉकथॉन तक सीमित नहीं है, बल्कि ठोस इरादों और ठोस परिणामों के साथ धरातल पर उतारी जा रही है। उन्होंने बताया कि—
17 से 19 नवंबर तक चले राज्यव्यापी नाका अभियान में 208 विशेष नाके, 27,982 वाहनों की जांच, कई एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज किए गए तथा 33 गिरफ्तारियां हुईं।
22 नवंबर को समकालिक तलाशी एवं छापेमारी के दौरान 124 स्थानों पर कार्रवाई, 9 एनडीपीएस मामले दर्ज कर 9 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
25 दिसंबर को शैक्षणिक संस्थानों के आसपास विशेष अभियान में 41 संस्थान, 598 दुकानें, 12 मामले दर्ज तथा 385 चालान किए गए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार चिट्टा तस्करी और अवैध ड्रग नेटवर्क से जुड़े अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। 6 और 19 दिसंबर को 19 कुख्यात तस्करों को हिरासत में लिया गया है तथा अब तक 66 अपराधियों के विरुद्ध पीआईटी-एनडीपीएस के तहत कार्रवाई की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि 10 दिसंबर को पुलिस और औषधि विभाग द्वारा प्रदेश भर में 33 दवा निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 4 इकाइयों में अनियमितताएं पाई गईं और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसका उद्देश्य नकली, बिना लाइसेंस और मनो-संवेदी दवाओं के अवैध निर्माण व वितरण को रोकना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 12 दिसंबर को निर्जन व अर्ध-सार्वजनिक स्थानों पर राज्य-स्तरीय सर्च ऑपरेशन चलाकर 301 युवाओं की जांच व काउंसलिंग की गई। वहीं 15 दिसंबर को चिट्टे से प्रभावित 234 पंचायतों में समकालिक बैठकों का आयोजन कर पंचायत स्तर पर नशामुक्ति प्रयासों को मजबूत किया गया।
उन्होंने कहा कि 19 व 20 दिसंबर को चिन्हित मेडिकल दुकानों पर कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में नशीली दवाएं तथा 24 लाख रुपये नकद जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त चिट्टे के धंधे से अर्जित अवैध संपत्तियों और सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण पर भी कार्रवाई की जा रही है। कुल 72 मामलों में से 14 मामलों में कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है और शेष में प्रक्रिया जारी है।
इस अवसर पर नगर नियोजन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर, पूर्व विधायक तिलक राज एवं बंबर ठाकुर, नशा निवारण बोर्ड के सह-संयोजक संजय भारद्वाज, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, उपायुक्त राहुल कुमार, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल सहित अनेक अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।