देवभूमि न्यूज 24.इन
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला के सभी रेजिडेंट डॉक्टरों ने 27 दिसंबर 2025 को सुबह 9:30 बजे से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। हड़ताल के चलते नियमित सेवाएं, वैकल्पिक ऑपरेशन थिएटर तथा आउट पेशेंट विभाग (ओपीडी) पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं, जबकि आपातकालीन सेवाएं जारी रखी गई हैं।
इस हड़ताल का असर आज शिलाई अस्पताल में भी देखने को मिला। आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अस्पताल की अन्य सभी सेवाएं बंद रहीं। उपचार के लिए पहुंचे मरीज सुबह से ही ओपीडी में लंबी कतारों में खड़े नजर आए, लेकिन हड़ताल की जानकारी मिलने पर उन्हें बिना इलाज के लौटना पड़ा। कई मरीज मजबूरन निजी क्लीनिकों में उपचार करवाने को विवश हुए।
शिलाई अस्पताल के डॉ. विवेक शर्मा ने बताया कि हिमाचल डॉक्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर अस्पताल में केवल आपातकालीन सेवाएं ही दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि शिलाई अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 130 से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं, ऐसे में सेवाएं बंद रहने से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताल के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं और लोग जल्द समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।