*देवभूमि न्यूज 24.इन*
⭕नए साल का जश्न हर कोई अपने-अपने हिसाब से मनाता है। कोई घूमने निकल जाता है तो कोई रात भर पार्टी करता है। एक प्रवचन के दौरान प्रेमानंद महाराज ने नए साल को मनाने का सही तरीका बताया है।
नए साल के मौके पर लोग जमकर पार्टी करना चाहते हैं। अपने परिवार और दोस्तों के साथ लोग इस मौके पर क्वालिटी टाइम बिताना पसंद करते हैं। कुछ लोग बाहर जाकर घूमने की प्लानिंग भी करते हैं। वहीं कुछ लोग मंदिर जाकर भगवान का आशीर्वाद भी लेते हैं और तीर्थस्थल भी जाते हैं। अपने एक प्रवचन के दौरान वृंदावन के जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज बता चुके हैं कि आखिर नया साल कैसे मनाना चाहिए? उन्होंने बताया कि नए साल पर क्या नहीं करना चाहिए? इससे पहले प्रेमानंद महाराज ये भी बता चुके हैं कि जन्मदिन को सही तरीके से कैसे मनाया जाए कि भगवान का आशीर्वाद मिले और जिंदगी में खुशहाली आए। इसके बाद उन्होंने नए साल को सही तरीके से मनाने के बारे में भी अपनी राय दी। तो चलिए विस्तार से जानते हैं कि इस पर उन्होंने क्या कहा है?
⚜️ऐसे मनाएं न्यू ईयर
प्रेमानंद महाराज के अनुसार वर्तमान में जिस तरह से लोग नया साल मनाते हैं। शराब पीते हैं। मांस खाते हैं और व्याभिचार करते हैं। ये सब बहुत ही गलत तरीका है। ये चीजें सनातन धर्म की परंपरा के खिलाफ है। ये सब सनातन धर्म का हिस्सा नहीं हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी उत्सव मनाने के लिए रात भर नाम कीर्तन करिए। इसके बाद सुबह होते ही पशु और पक्षियों को दाना-पानी जरूर देना चाहिए। गाय को हरा चारा देना चाहिए। भूखे लोगों को खाना खिलाना चाहिए।
⚜️जरूरतमंदों की करें मदद
प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा कि नए साल के मौके पर ठंड होती है। ऐसे में जरूरतमंदों की मदद जरूर करनी चाहिए। ऐसे लोगों को शॉल या कंबल जरूर देना चाहिए। इसी तरह गरीब इंसान की किसी ना किसी तरह से मदद करने की कोशिश जरूर करनी चाहिए। नए साल का उत्सव बिना भगवान के नाम के अधूरा है। रात भर भजन करो। नाचो गाओ। प्रभु का गुणगान करें। इस चीज में और भी लोगों को शामिल करो। इस तरह से अगर नया साल मना लिया गया तो पूरा साल मंगलमय होता है। ऐसा करने से जीवन सार्थक हो जाता है। साथ ही जिंदगी में खुशहाली आती है।
*🚩जय_जय_श्री_राधे_राधे🚩*