देवभूमि न्यूज नेटवर्क
कार्तिकेय तोमर-शिलाई
सिरमौर, हिमाचल प्रदेश
सिरमौर जिला के शिलाई क्षेत्र के राजकीय महाविद्यालय कफोटा में प्री-ग्रामीण उष्मायन केंद्र, द्वारा विश्व बैंक एवं भारत सरकार के सहयोग से उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा संचालित रैंप योजना के अंतर्गत एक जिला स्तरीय तृतीय सेंसिटाइजेशन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का आयोजन हिमाचल प्रदेश उद्यमिता विकास केंद्र की कार्यान्वयन एजेंसी द प्लैनेट एजुकेशन सोसाइटी द्वारा किया गया।
प्री-ग्रामीण उष्मायन केंद्र का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को उद्यमिता एवं स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना तथा उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। यह केंद्र विशेष रूप से उन युवाओं के लिए लाभकारी सिद्ध होगा, जो लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना करना चाहते हैं अथवा पहले से संचालित कर रहे हैं। केंद्र के माध्यम से युवाओं को तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल में सुधार हेतु गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
कार्यशाला में कई गणमान्य अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे, जिनमें
डॉ. कुलदीप सिंह (प्रधानाचार्य),
प्रो. अनिकेत पुंडीर, प्रो. दिनेश एवं प्रो. सुमित्रा (राजकीय महाविद्यालय कफोटा),श्री आशीश जैसवाल (एक्सपर्ट फैकल्टी/रिसोर्स पर्सन, लखनऊ, उत्तर प्रदेश),श्री मंजीत सिंह (प्रधानाचार्य), श्री पंकज (राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान कफोटा),श्री हर्ष कुमार (सहायक प्रबंधक) एवं श्री उमेश खन्ना (द प्लैनेट एजुकेशन सोसाइटी, पांवटा साहिब)
सहित राजकीय महाविद्यालय एवं आईटीआई कफोटा के अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर 90 से अधिक विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान श्री हर्ष कुमार एवं श्री आशीश जैसवाल ने विद्यार्थियों को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी तथा यह बताया कि किस प्रकार नवाचार आधारित व्यावसायिक विचारों को एक सफल उद्यम में परिवर्तित किया जा सकता है। सत्र के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह एवं जिज्ञासा देखने को मिली।
कार्यक्रम का समापन उद्यमिता, नवाचार एवं आत्मनिर्भरता के संदेश के साथ हुआ। यह पहल ग्रामीण युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।