देवभूमि न्यूज नेटवर्क
राजीव शर्मन ब्यूरो
ऊना, हिमाचल प्रदेश
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा नशे से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सख्त और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त मंगलवार को डीआरडीए बैठक हाल में राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल (एन-कॉर्ड) के तहत गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति तथा इसके उपरांत आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठकों में पुलिस अधीक्षक अमित यादव, जिले के सभी एसडीएम, पुलिस, आबकारी एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
स्कूलों में प्रतिदिन दिलाई जाएगी नशा निवारण की प्रतिज्ञा
एन-कॉर्ड बैठक के दौरान उपायुक्त ने नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता पर विशेष बल देते हुए कहा कि जिले के सभी स्कूलों में प्रतिदिन मॉर्निंग प्रेयर के दौरान नशा निवारण एवं जागरूकता से संबंधित प्रतिज्ञा दिलाई जाएगी। इसके लिए सभी शिक्षण संस्थानों को एक समान प्रतिज्ञा प्रारूप उपलब्ध करवाया जाएगा।
पंचायत स्तर पर नशा निवारण समितियों की सक्रियता पर जोर
जतिन लाल ने जिले की सभी पंचायतों में गठित नशा निवारण समितियों को और अधिक सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम प्रत्येक माह इन समितियों की बैठकों की कार्यवाही का विवरण अनिवार्य रूप से उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध करवाएं।
उन्होंने बताया कि जिले की सभी 245 ग्राम पंचायतों में नशा निवारण समितियों का गठन किया जा चुका है। चिट्टे के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिले की 10 संवेदनशील पंचायतों पर विशेष फोकस करते हुए निगरानी और जागरूकता गतिविधियों को सशक्त किया गया है।
एंटी-चिट्टा अभियान के तहत ऊना में होगी वॉकाथॉन
उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में चल रहे एंटी-चिट्टा अभियान के तहत ऊना जिले में शीघ्र ही एक बड़ी जागरूकता पदयात्रा (वॉकाथॉन) का आयोजन किया जाएगा। इसमें शिक्षण संस्थानों, नशा निवारण समितियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का लक्ष्य नशामुक्त हिमाचल का निर्माण है और इस अभियान में जनभागीदारी सबसे अहम भूमिका निभा रही है।
पुलिस को हरसंभव सहयोग के निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि नशे के विरुद्ध कार्रवाई के दौरान पुलिस विभाग को जिस भी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता हो, सभी विभाग समयबद्ध तरीके से सहयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने जानकारी दी कि पुलिस विभाग को शीघ्र ही ड्रग डिटेक्शन किटें उपलब्ध करवाई जाएंगी।
इसके साथ ही शिक्षा विभाग को स्कूलों में आयोजित नशा निवारण एवं सड़क सुरक्षा गतिविधियों का मासिक विवरण साझा करने के निर्देश दिए गए।
जनवरी में मनाया जाएगा सड़क सुरक्षा माह
इसके उपरांत जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उपायुक्त ने बताया कि जनवरी माह को जिले में सड़क सुरक्षा माह के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों को दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहां आवश्यक सुधार कार्य सुनिश्चित करने तथा मुख्य बाजारों में नो पार्किंग व नो वेंडिंग जोन की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
सख्ती से सड़क दुर्घटनाओं में आई कमी : एसपी अमित यादव
बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित यादव ने बताया कि सड़क सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। बड़ूही–अम्ब सड़क मार्ग पर, जहां पहले रोजाना कई दुर्घटनाएं होती थीं, बीते एक माह में दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है और दिन के समय दुर्घटनाएं लगभग शून्य हो गई हैं।
उन्होंने कहा कि यह सुधार बैरिकेडिंग, इंटरसेप्टर वाहनों की तैनाती, पुलिस की निरंतर मौजूदगी और कानून के कड़े पालन के कारण संभव हुआ है।
सूचना साझा करने पर बल
एसपी अमित यादव ने सभी विभागों से नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए सूचनाओं के आदान-प्रदान और इंटेलिजेंस साझा करने को मजबूत करने का आह्वान किया। विशेषकर स्कूलों, कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों से मिलने वाले इनपुट को महत्वपूर्ण बताया।
बैठकों में एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, एसडीएम गगरेट सौमिल गौतम, एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, नगर निगम ऊना के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार, उपनिदेशक उच्च शिक्षा अनिल कुमार, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सोमलाल, डीएसपी अजय ठाकुर व मोहन रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।