शिमला में नव वर्ष की पूर्व संध्या पर जिला स्तरीय बहुभाषी कवि गोष्ठी का आयोजन

Share this post

   *देवभूमि न्यूज 24.इन*
        *ब्यूरो,शिमला*

शिमला :भाषा एवं संस्कृति विभाग, जिला शिमला द्वारा नव वर्ष की पूर्व संध्या पर ऐतिहासिक गेयटी थियेटर शिमला के सम्मेलन कक्ष में जिला स्तरीय बहुभाषी कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध साहित्यकार एस. आर. हरनोट द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

मंच संचालन त्रिलोक सूर्यवंशी ने किया।
इस कवि गोष्ठी में शिमला जिले के 20 से अधिक कवियों ने अपनी रचनाओं से साहित्य प्रेमियों को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम में
ओ.पी. शर्मा ने “मोबाइल ने दिए जीवन के कई रंग”,नारायण सिंह ने “तंग है”,


पूजा सूद ने “एक कोशिश”,
दिनेश गजटा ने “जंगल जल रहे हैं”,
वीरेंद्र वीर ने “गांठें”,
उमा ठाकुर ने “चिट्ठा छोड़ो, जिंदगी अपनाए”,
प्रोमिला शर्मा ने “संवारो सृष्टि”,
सत्या वसुंधरा ने “वापसी की उम्मीद”,
भारती कुठियाला ने “बतियाती स्त्रियां”,
राधा सिंह ने “हे कवि”,


गुप्तेश्वर नाथ उपाध्याय ने “शिमला में जाड़े की धूप”,
स्नेह नेगी ने “खो जाती हूं”,
जगदीश कश्यप ने “अच्छा लगता है”,
सरला कुमारी ने “पहाड़”,
हरदेव धीमान ने “मजदूर”,
त्रिलोक सूर्यवंशी ने “मेरा मंडी”
तथा एस. आर. हरनोट ने “चिड़िया बजारिन” कविता का पाठ किया।


कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि उप निदेशक कुसुम संघाईक रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री मस्तराम शर्मा ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि कविता में वास्तविक कवित्व का होना अत्यंत कठिन है। कवि का हृदय दर्पण के समान होता है, जिसमें वह वही लिखता है जो उसे भीतर से दिखाई देता है। उन्होंने आत्मचिंतन और आत्मजागरण को सृजन का मूल बताया।


मुख्य अतिथि एस. आर. हरनोट ने कहा कि कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, नशा विरोध और सामाजिक सरोकारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल का सकारात्मक उपयोग हमें पूरे विश्व से जोड़ सकता है, किंतु इसके दुरुपयोग से बचना आवश्यक है।

उन्होंने विद्यालयों में बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर भी बल दिया।
इस अवसर पर विभाग से सेवानिवृत्त उप निदेशक श्रीमती अलका कैथला, गेयटी थियेटर के प्रबंधक सहित समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।


कार्यक्रम के अंत में जिला भाषा अधिकारी सरोजना नरवाल ने सभी कवियों, साहित्यकारों एवं मीडिया बंधुओं का कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु आभार व्यक्त किया।