देवभूमि न्यूज नेटवर्क
शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चिट्ठे (नशे) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियानों को केवल एक इवेंट की तरह नहीं, बल्कि पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ चलाया जाना चाहिए।

जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में नशे के खिलाफ गंभीर है, तो उसे सभी वर्गों को साथ लेकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियान में गंभीरता का अभाव साफ दिखाई देता है

और केवल पांच मिनट के लिए फोटो खिंचवाने से नशे के खिलाफ लड़ाई जमीन स्तर पर नहीं उतर सकती। नशे जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए ठोस योजना और प्रभावी रणनीति की आवश्यकता है, जबकि अब तक यह अभियान गैर-जिम्मेदाराना तरीके से चलाया गया है।

नेता प्रतिपक्ष ने बिलासपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां महिला मंडल चिट्ठे के खिलाफ मजबूती से मोर्चा संभाले हुए हैं। कड़ाके की ठंड में रात के समय गांवों में पहरा देकर महिला मंडल नशा तस्करों को पकड़ने की मुहिम चला रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि उनके खिलाफ ही मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि ये मामले नशा तस्करों के दबाव में बनाए गए हैं और सरकार को महिला मंडलों पर दर्ज सभी मामलों को तुरंत वापस लेना चाहिए।
केंद्र सरकार से मदद न मिलने के आरोपों पर पलटवार करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश को भरपूर सहायता मिल रही है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में केंद्र सरकार ने 602 करोड़ रुपये जारी किए हैं और इस वर्ष का शेष पैसा भी निश्चित रूप से आएगा। बार-बार केंद्र सरकार को कोसना उचित नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र से आने वाली सहायता राशि वास्तव में आपदा प्रभावितों तक पहुंच रही है या नहीं।

इस मुद्दे को लेकर विधानसभा के भीतर भी मुख्यमंत्री से सवाल किए गए, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
नववर्ष के अवसर पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेशवासियों और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि नए साल पर सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि हिमाचल प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए मिलजुलकर काम किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि प्रदेश में बढ़ते नशे के प्रचलन से दूर रहें और स्वस्थ व सकारात्मक जीवन की दिशा में आगे बढ़ें।
