देवभूमि न्यूज 24.इन
2026 पर्यावरण की दृष्टि से एक अहम वर्ष होने जा रहा है इसे अहम बनना हम सब का नैतिक दायित्व है।
धरती का बढ़ता तापमान को नियंत्रण करने में विश्व के हर नागरिक का कर्तव्य है क्योंकि हर नागरिक किसी न किसी रूप में इसे बढ़ाने में योगदान कर रहा है।

भारत का हर नागरिक सालाना औसतन 2 टन यानी 20 क्विंटल हर दिन लगभग 6 किलो कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन प्रति दिन वातावरण में कर रहा है। क्योंकि गरीब कम उपभोग करता है तो वो कम और अमीर ज्यादा उपभोग करता है तो बहुत ज्यादा उत्सर्जन करता है।

फिर भी कई लोग बिना सोचे समझे भी बेकार में उत्सर्जन करते हैं। उदाहरण के लिए किसान अपनी खेती का बेकार कहें या फालतू का बचा कचरा जलाता है इससे पर्यावरण को नुकसान होता है।

इसे जलाने के बजाए गला सड़ा कर कंपोस्ट बना कर खेती के इस्तेमाल किया जाए तो इससे पैदावार बढ़ेगी और पर्यावरण विशेषकर अपने आस पास भी बेहतर बना रहेगा।

ऐसे ही प्लास्टिक का कम इस्तेमाल किया जाए इसे जलाया न जाए। इसे ढंग से निपटाया जाए तो जल वायु को साफ रखने में और जल सरंक्षण में मदद मिलेगी। जंगलों को आग से बचाया जाना है इससे भी पर्यावरण सरंक्षण में मदद मिलेगी।

अतः खुद से शुरू कर अपने कम से कम 10 पड़ोसियों को ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करें। और यह सिलसिला चला रहे जब तक हम सभी नागरिकों को इसमें शामिल करने में कामयाब हों।

देखेंगे कि हमारा आस पास का पर्यावरण बेहतर होगा और व्यापक स्तर पर धरती के बढ़ते तापमान पर भी नियंत्रण होगा। इसलिए आज से शुरू करें और पूरा वर्ष इसे अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

यह एक बहुत ही परोपकारी संकल्प है इससे जीवन बेहतर होगा। समाज में सौहार्द बढ़ेगा।
जय हिंद जय लोकतंत्र जय संविधान

डॉ अशोक कुमार सोमल
स्वराज सत्याग्रही व पर्यावरण एवं लोकतंत्र प्रेमी
लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान
भारत जोड़ो अभियान