सभी संकट होंगे दूर, मिलेगा पुण्य और ग्रह-दोषों से मुक्ति
देवभूमि न्यूज 24.इन
⭕ प्रयागराज माघ मेला 2026
तीर्थराज प्रयागराज में 3 जनवरी 2026 से 15 फरवरी 2026 तक माघ मेले का पावन आयोजन किया जा रहा है। माघ मेले का महत्व कुंभ मेले के समान ही माना गया है। इस अवधि में संगम स्नान, जप-तप और दान का विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।
शास्त्रों के अनुसार माघ मास में किए गए दान से ग्रह-नक्षत्रों के दोष दूर होते हैं, जीवन के कष्ट समाप्त होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है। यदि आप माघ मेले में जा रहे हैं, तो इन पांच प्रकार के दान अवश्य करें—
🚩 1. तिल दान
माघ मास में जब सूर्य मकर राशि में होता है, तब तिल दान का विशेष महत्व है। तीर्थराज प्रयाग में तिल के साथ दक्षिणा देकर दान किया जाता है।
कई श्रद्धालु तिल के लड्डू बनाकर उनमें सिक्का रखकर तीर्थ पुरोहितों को दान देते हैं। यह गुप्त दान माना जाता है और इसका पुण्य कई गुना फलदायी होता है।
🚩 2. गुप्त दान
प्रयागराज में गुप्त दान की अत्यंत महिमा बताई गई है।
शास्त्रों के अनुसार, प्रकट दान की तुलना में गुप्त दान का फल दस गुना अधिक होता है।
यथाशक्ति दान किसी ब्राह्मण, मंदिर, मठ या आश्रम में बिना दिखावे के करें।
🚩 3. वस्त्र दान
वस्त्र दान से दरिद्रता का नाश होता है।
आप धोती, कुर्ता, टोपी, अंगोछा, बनियान, ओढ़नी, पगड़ी आदि वस्त्र किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान कर सकते हैं।
🚩 4. बिस्तर दान
बिस्तर दान को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
इसमें पलंग (चारपाई), दरी, मसनद, मसहरी, रजाई, गद्दा, तकिया या कंबल का दान किया जा सकता है।
🚩 5. अन्न दान (आमान्न दान)
अन्न दान को सभी दानों में श्रेष्ठ कहा गया है।
इसमें चावल, दाल, घी, गुड़, नमक, चीनी और कच्ची सब्जियां शामिल की जाती हैं।
इन सभी वस्तुओं को एक थाली में सजाकर थाली सहित दान करना विशेष पुण्यदायक माना जाता है।
माघ मास में संगम स्नान, दान और तप से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।