भारत सरकार के निर्देश पर एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य सुरक्षा जांच- शहीद कल्याण इंडेन गैस

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देवभूमि न्यूज नेटवर्क
उपमंडल ब्यूरो,शिलाई


भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत शहीद कल्याण इंडेन गैस एजेंसी ने अपने सभी एलपीजी (घरेलू गैस) उपभोक्ताओं के लिए हर पाँच वर्ष में एक बार अनिवार्य (मंडेटरी) सुरक्षा जांच करवाना आवश्यक बताया है। एजेंसी द्वारा जारी सूचना में कहा गया है

कि जिन उपभोक्ताओं की यह जांच लंबित है, उनके यहां जल्द ही एजेंसी का अधिकृत मैकेनिक निरीक्षण के लिए पहुंचेगा।
नोटिस में बताया गया है कि एलपीजी अत्यंत ज्वलनशील होती है और समय के साथ गैस स्टोव, रेगुलेटर तथा

सुरक्षा रबर ट्यूब में घिसावट (वियर एंड टियर) आ सकती है। बाहर से सब कुछ ठीक दिखने के बावजूद अंदरूनी खराबी या जोड़ों में हल्की गैस लीकेज की संभावना बनी रहती है। सुरक्षा पाइप में बारीक दरारें या जॉइंट ढीले होना गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।


निरीक्षण के दौरान मैकेनिक न केवल गैस उपकरणों की जांच करेगा, बल्कि रसोई में वेंटिलेशन व्यवस्था और सिलेंडर रखने की जगह भी चेक करेगा, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके। यह पूरी प्रक्रिया सामान्यतः 15 से 20 मिनट में पूरी हो जाती है।


एजेंसी के अनुसार इस अनिवार्य जांच के लिए ₹236 (GST सहित) का सरकारी निर्धारित शुल्क लिया जाएगा, जिसका विधिवत बिल उपभोक्ता को दिया जाएगा। साथ ही सिलेंडर में लगी नारंगी रंग की ‘सुरक्षा ट्यूब’ (Suraksha Tube) की वैधता भी जांची जाएगी, जिसकी अवधि पाँच वर्ष होती है

और तारीख ट्यूब पर अंकित रहती है। यदि सुरक्षा ट्यूब एक्सपायर पाई जाती है, तो उसे तुरंत बदला जाएगा। इसके लिए 1.5 मीटर वायर-मेश सुरक्षा ट्यूब, जिसकी कीमत ₹190 (MRP) है, लगाई जाएगी। यह ट्यूब LERC, बेंगलुरु से प्रमाणित है।


निरीक्षण के दौरान उपभोक्ताओं को राहत देते हुए एजेंसी ने बताया कि मैकेनिक द्वारा गैस स्टोव की सर्विसिंग और बर्नर्स की सफाई निःशुल्क की जाएगी। यदि किसी अतिरिक्त पार्ट की मरम्मत या बदलाव की आवश्यकता होती है, तो उसका अलग से बिल दिया जाएगा।


एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यह सुरक्षा जांच न केवल उपभोक्ता और उसके परिवार की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि इसका सीधा संबंध इंश्योरेंस क्लेम से भी है। यदि अनिवार्य निरीक्षण लंबित है और किसी प्रकार की दुर्घटना होती है, तो बीमा दावा मिलने में परेशानी आ सकती है।


यदि कोई उपभोक्ता इस अनिवार्य निरीक्षण से इंकार करता है, तो मैकेनिक द्वारा उससे एक फॉर्म पर हस्ताक्षर करवाए जाएंगे, जिसमें निरीक्षण से मना करने की प्रविष्टि दर्ज होगी। हालांकि, ऐसे मामलों में भविष्य में होने वाली किसी भी सुरक्षा दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी उपभोक्ता की होगी।
शहीद कल्याण इंडेन गैस एजेंसी ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस अनिवार्य सुरक्षा जांच को गंभीरता से लें और सहयोग करें। एजेंसी का मैकेनिक शीघ्र ही उपभोक्ताओं से संपर्क करेगा।