शिलाई ग्रामसभा का ऐलान: नगर पंचायत बने,लेकिन पंचायत कार्यालय व जमीन नगर पंचायत में न जाए

Share this post

   *कार्तिकेय तोमर*
 *देवभूमि न्यूज 24.इन*
 *शिलाई,सिरमौर,(हि.प्र.)* 

शिलाई : नगर पंचायत शिलाई के गठन के बाद ग्राम पंचायत शिलाई की सदियों की सामूहिक संपत्ति पर खतरा मंडराने लगा है। इसी खतरे के खिलाफ आज ग्राम पंचायत शिलाई में आयोजित ग्रामसभा में ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में ऐलान कर दिया कि नगर पंचायत बने इस पर कोई आपत्ति नहीं, लेकिन पंचायत की एक इंच जमीन भी नहीं दी जाएगी।
ग्रामसभा की अध्यक्षता पंचायत प्रधान शीला नेगी ने की। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और पंचायत भूमि को नगर पंचायत के अधीन किए जाने की किसी भी कोशिश को ग्राम अधिकारों पर सीधा हमला बताया।
ग्रामीणों ने कहा कि शिलाई पंचायत का वार्ड नंबर–1 नगर पंचायत सीमा में शामिल कर दिया गया है, जबकि यह संपूर्ण क्षेत्र ग्राम पंचायत की स्वामित्व वाली भूमि है। इतना ही नहीं, पंचायत भवन भी नगर पंचायत सीमा में चला गया है, जिससे ग्रामवासियों द्वारा दान में दी गई भूमि और पंचायत कार्यालय के नगर पंचायत के अधीन चले जाने का खतरा पैदा हो गया है।
ग्रामसभा में यह सवाल भी उठा कि वर्षों की मेहनत, चंदे, श्रमदान और त्याग से खड़ी की गई पंचायत संपत्ति को एक प्रशासनिक आदेश के सहारे छीना नहीं जा सकता। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि पंचायत की जमीन किसी सरकार या नगर पंचायत की जागीर नहीं है, बल्कि यह गांव की सामूहिक धरोहर है।
जिला योजना अधिकारी सिरमौर से चर्चा के बाद ग्राम पंचायत को मिले निर्देशों के अनुसार आज ग्रामसभा में बहुमत से प्रस्ताव पारित कर यह दर्ज किया गया कि नगर पंचायत गठन स्वीकार्य है, लेकिन पंचायत भूमि पर ग्राम पंचायत शिलाई का अधिकार अटूट और अपरिवर्तनीय रहेगा।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि पंचायत भूमि को जबरन नगर पंचायत के अधीन करने की कोशिश की गई, तो वे कानूनी लड़ाई, जन आंदोलन और सड़क से अदालत तक संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेंगे।
पंचायत प्रधान शीला नेगी ने कहा कि ग्रामसभा का यह फैसला केवल एक प्रस्ताव नहीं, बल्कि पंचायत की जमीन और गांव के भविष्य की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ग्रामसभा के निर्णय का सम्मान किया जाए बैठक में शिलाई के 150 लोगो से अधिक बैठक में शामिल रहे