*देवभूमि न्यूज 24.इन*
*राज्य ब्यूरो,शिमला*
धर्मशाला स्थित एक शैक्षणिक संस्थान में अनुसूचित जाति वर्ग की छात्रा की दुखद मृत्यु को लेकर प्रदेश में आक्रोश और चिंता का माहौल है। इस मामले में एडवोकेट अनिल कुमार मंगेट, पूर्व सांसद प्रत्याशी शिमला संसदीय क्षेत्र, ने माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक विस्तृत पत्र लिखकर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि छात्रा की मृत्यु से पूर्व दिए गए बयान में कॉलेज के एक प्रोफेसर पर जातीय आधार पर मानसिक उत्पीड़न तथा कथित यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। उनके अनुसार निरंतर भय, मानसिक दबाव और अवसाद ने छात्रा को अंदर से तोड़ दिया, जो अंततः उसकी असामयिक मृत्यु का कारण बना। यह घटना केवल एक छात्रा की मौत नहीं, बल्कि शिक्षा संस्थानों के भीतर संस्थागत भेदभाव और प्रशासनिक असंवेदनशीलता का गंभीर संकेत है।
एडवोकेट मंगेट ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस प्रकरण की न्यायिक जांच या विशेष जांच दल (SIT) का तत्काल गठन किया जाए। आरोपित प्रोफेसर सहित लापरवाही बरतने वाले सभी अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही छात्रा के पूर्व बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और संस्थागत भूमिका की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की गई है।
उन्होंने प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में SC/ST उत्पीड़न एवं यौन शोषण रोकथाम तंत्र को प्रभावी, संवेदनशील और जवाबदेह बनाने पर भी जोर दिया है। पत्र में पीड़ित परिवार को न्याय, सम्मान, समुचित मुआवजा और पूर्ण सुरक्षा देने की मांग की गई है।
एडवोकेट मंगेट ने कहा कि यह मामला राजनीति से ऊपर उठकर मानवता, न्याय और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा है। मुख्यमंत्री द्वारा लिया गया निर्णय यह तय करेगा कि हिमाचल प्रदेश बेटियों के साथ खड़ा है या चुप्पी का सहभागी बनता है।