*देवभूमि न्यूज 24.इन*
*नई दिल्ली*
कड़ाके की ठंड में एम्स के बाहर इलाज के इंतजार में रात गुजारने को मजबूर मरीजों और उनके परिजनों के लिए राहत भरी खबर है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) प्रशासन ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सहयोग से मरीजों के लिए ‘आश्रय’ सुविधा शुरू की है। इस पहल से ओपीडी के लिए लंबा इंतजार कर रहे मरीजों की परेशानियां काफी हद तक कम होंगी।
एनबीटी ने उठाया था मुद्दा
कुछ दिन पहले एनबीटी द्वारा एम्स के बाहर मरीजों की बदहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। इसके बाद एम्स प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए आश्रय सुविधा शुरू की। प्रशासन के अनुसार, रात के समय अस्पताल परिसर के बाहर मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों को इलेक्ट्रिक शटल बसों के माध्यम से आश्रय केंद्र तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं, उन्हें ओपीडी के लिए टोकन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
आश्रय में मिलेंगी कई सुविधाएं
एम्स के इस आश्रय केंद्र में मरीजों और उनके साथ आए परिजनों को निःशुल्क भोजन, कंबल और स्वच्छ शौचालय की सुविधा दी जा रही है। अगले दिन मरीजों को इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए संबंधित ओपीडी तक पहुंचाया जाता है। प्रशासन के मुताबिक, इस आश्रय में लगभग 250 लोगों के ठहरने की क्षमता है और फिलहाल इसका पूरा उपयोग हो रहा है।
मरीजों की परेशानी हुई कम
एम्स प्रशासन का कहना है कि इस पहल से मरीजों और उनके परिजनों की असुविधा में उल्लेखनीय कमी आई है और इलाज का अनुभव पहले से बेहतर हुआ है। भविष्य में जरूरत और उपलब्ध स्थान को देखते हुए इस आश्रय सुविधा के विस्तार की भी योजना बनाई जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक मानवीय और सुलभ बनाने की दिशा में एम्स की यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।