एसआईआर के दौरान अमानवीय आचरण के खिलाफ कोर्ट जाऊंगी, खुद लड़ूंगी केस: ममता बनर्जी

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देवभूमि न्यूज नेटवर्क
सागर द्वीप (पश्चिम बंगाल)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान कथित अमानवीय आचरण को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दक्षिण 24 परगना के सागर द्वीप में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि एसआईआर के नाम पर लोगों के साथ अन्याय, भय और प्रशासनिक मनमानी की गई है, जिसके खिलाफ वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का गलत इस्तेमाल कर मतदाता सूची से लाखों लोगों के नाम हटाए गए। उन्होंने दावा किया कि करीब 54 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जबकि संबंधित नागरिकों को फॉर्म-7 या फॉर्म-8 के जरिए अपनी बात रखने का मौका भी नहीं दिया गया।
ममता बनर्जी ने कहा,
“बिना मानवीय विचार के, सिर्फ मशीन या स्पेलिंग की गलतियों के आधार पर नाम हटाना लोकतंत्र के खिलाफ है। चुनाव आयोग अब अपनी बुद्धि से नहीं, बल्कि व्हाट्सएप से चल रहा है। इससे उसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।”
अमानवीय व्यवहार और मौतों का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान भय, उत्पीड़न और दबाव का माहौल बनाया गया। उन्होंने कहा कि कई बीमार और बुजुर्ग नागरिकों को अस्पताल में इलाज के बावजूद लंबी कतारों में खड़ा होने को मजबूर किया गया, ताकि वे यह साबित कर सकें कि वे वैध मतदाता हैं। ममता बनर्जी ने दावा किया कि इस प्रक्रिया के कारण डर और तनाव से कई लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य अस्पताल में भर्ती हैं।
उन्होंने कहा,”एसआईआर के कारण हुए अमानवीय व्यवहार और इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत के खिलाफ हम अदालत में याचिका दायर करेंगे। जरूरत पड़ी तो मैं खुद इस केस को लड़ूंगी।”
खुद सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान
ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि यदि अनुमति मिली तो वह एक आम नागरिक की तरह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगी और चुनाव आयोग की प्रक्रिया को चुनौती देंगी। उन्होंने कहा कि वह एक प्रशिक्षित वकील हैं और कानूनी लड़ाई लड़ना जानती हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि याचिका तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) दायर करेगी या पश्चिम बंगाल सरकार।
भाषा के नाम पर भेदभाव का आरोप
रैली के दौरान मुख्यमंत्री ने बंगाली भाषा को लेकर भेदभाव का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बंग्ला भाषी प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया गया। ममता ने भावुक लहजे में कहा,
“अगर कोई मेरी जान भी ले ले, तो भी मैं बंगाली बोलना बंद नहीं करूंगी। यह मेरी मातृभाषा है। क्या इस देश में बांग्ला बोलना अब अपराध हो गया है?”
भाजपा पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा चुनाव से पहले लोगों को प्रलोभन देती है और चुनाव जीतने के बाद दमनकारी कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा,
“वे चुनाव से पहले 10 हजार रुपये देते हैं और चुनाव खत्म होते ही बुलडोजर चला देते हैं।”