*देवभूमि न्यूज 24.इन*
*ब्यूरो उपमंडल शिलाई*
सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-707 पर अवैध अतिक्रमण का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर कार्यरत निर्माण कंपनी तथा स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता के चलते सड़क की चौड़ाई कम हो गई है, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार शिलाई-पांवटा मार्ग पर आरएसबीएन स्कूल से आगे तथा पेट्रोल पंप से पीछे की निचली साइड में एक सेवानिवृत्त अध्यापक प्रताप सिंह द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर लगभग 20 फीट से अधिक क्षेत्रफल में अवैध कब्जा किया गया है। बताया जा रहा है कि इससे पूर्व भी संबंधित व्यक्ति द्वारा अपने निजी मकान से करीब पाँच मीटर तक राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि की ओर अवैध निर्माण किया गया था, जो राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम-1956 एवं संबंधित नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

इस अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो गई है, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बन रही है और दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह अवैध कब्जा मुख्य रूप से किरायेदारों के लिए पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है।
लोगों का कहना है कि एनएच-707 के फेज-तीन में कार्यरत कंपनी और स्थानीय स्तर पर संबंधित अधिकारियों की लापरवाही अथवा संभावित मिलीभगत के कारण कब्जाधारी के हौसले बढ़े हुए हैं। हाल ही में कमरऊ क्षेत्र में हुई गंभीर सड़क दुर्घटना का हवाला देते हुए नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए स्थल निरीक्षण कराया जाए और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम-1956 की धारा-26 सहित अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत अवैध अतिक्रमण को शीघ्र हटाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।
अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग करने वालों में शुपा राम, सूरत सिंह चौहान, लाल सिंह चौहान, प्रकाश तोमर, राजेन्द्र चौहान, श्याम सिंह, अजय शर्मा, मनोज तोमर, अनिरुद्ध नेगी, मामराज, विक्रम, दलीप सिंह व कमलेश सहित अन्य स्थानीय लोग शामिल हैं।