*देवभूमि न्यूज 24.इन*
🪦साल 2026 में माघ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी का पूजन किया जाएगा। यह साल 2026 की पहली कालाष्टमी होगी, जो 10 जनवरी को है। कालाष्टमी भगवान कालभैरव की पूजा का विशेष दिन माना जाता है।
कालभैरव शिव जी का उग्र रूप हैं, जो संकट, भय, शत्रु और नकारात्मकता दूर करते हैं। इस दिन सच्चे मन से पूजा करने से जीवन की हर परेशानी दूर हो जाती है। कालसर्प दोष, शनि-राहु की पीड़ा और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। अगर आप भी किसी समस्या से जूझ रहे हैं, तो साल की पहली कालाष्टमी पर इन 5 सरल तरीकों से भैरव बाबा को प्रसन्न करें। इससे आपकी लाइफ शानदार हो जाएगी।
📿काले कुत्ते को भोजन कराएं
ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ
कालभैरव का वाहन कुत्ता है, इसके लिए खासकर काले कुत्ते का चुनाव करें। इस दिन काले कुत्ते को रोटी, दूध या मीठा भोजन कराना सबसे शुभ माना जाता है। अगर काला कुत्ता न मिले तो किसी भी कुत्ते को खिलाएं। इससे भैरव बाबा बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं और घर से हर संकट दूर हो जाता है। मान्यता है कि कुत्ते को खिलाने से पितृ दोष भी शांत होता है।
📿महामृत्युंजय मंत्र का जप करें
ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ
कालाष्टमी पर महामृत्युंजय मंत्र •’ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्’ का •108 बार जप करें। रुद्राक्ष की माला से जाप करें तो फल कई गुना बढ़ जाता है। यह मंत्र रोग, भय और मृत्यु जैसे संकटों से रक्षा करता है। रात में निशिता काल में जप करें तो विशेष लाभ मिलेगा। निशिता काल 10 जनवरी की रात निशिता काल 12:02 से 12:56 बजे तक रहेगा।
📿कालभैरव स्तोत्र या चालीसा का पाठ करें
ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ
घर पर कालभैरव स्तोत्र या भैरव चालीसा का पाठ करें। अगर मंदिर जाएं तो वहां पाठ करें। पाठ के बाद भैरव जी को प्रसाद चढ़ाएं। इसमें उड़द की दाल या मीठा अर्पित कर सकते हैं। इससे शत्रु शांत होते हैं और जीवन में स्थिरता आती है। साल की पहली कालाष्टमी पर यह पाठ करने से पूरे साल सुरक्षा मिलती है।
📿सरसों के तेल का दीपक जलाएं
ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ
कालभैरव को सरसों का तेल बहुत प्रिय है। शाम को भैरव जी के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं। दीपक में थोड़ा सा सिंदूर मिलाएं। दीपक जलाते समय •’ॐ कालभैरवाय नमः’ मंत्र जपें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और ग्रह दोष शांत होते हैं।
📿तिल और उड़द का दान करें
ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ
इस दिन तिल, उड़द की दाल या काले कपड़े दान करें। जरूरतमंद या ब्राह्मण को दान करें। दान में थोड़ा तेल भी शामिल करें। इससे शनि और राहु का बुरा प्रभाव कम होता है। कालाष्टमी पर दान करने से पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।
♿ऊँकालभैरवायनम:♿