देवभूमि न्यूज 24.इन
नई दिल्ली
दिल्ली हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में ई-रिक्शा संचालन को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने की मांग वाली एक जनहित याचिका पर जवाब बुधवार को दिल्ली सरकार और ट्रैफिक पुलिस से जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ इस याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
यह याचिका मनीष पाराशर ने दायर की है, जिन्होंने पिछले वर्ष एक सड़क दुर्घटना में अपनी आठ वर्षीय बेटी को खो दिया था। बच्ची ई-रिक्शा से स्कूल जा रही थी, तभी तेज रफ्तार ई-रिक्शा प्रतिबंधित सड़क पर पलट गया।
सरकार, ट्रैफिक पुलिस और एमसीडी को नोटिस
हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार, परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम (एमसीडी) को नोटिस जारी कर उनसे ई-रिक्शा संचालन को लेकर अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी।
याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि हादसे के बाद ई-रिक्शा चालक मौके से फरार हो गया था। न तो वाहन का बीमा था और न ही उसके पास फिटनेस सर्टिफिकेट मौजूद था।
बेहिसाब बढ़ रहे ई-रिक्शा: याचिका
एडवोकेट गौरव आर्य और नवीन बामेल के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि दिल्ली में ई-रिक्शाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जो अब एक “लगातार खतरा” बन चुकी है। याचिका के अनुसार, बड़ी संख्या में ई-रिक्शा बिना रजिस्ट्रेशन, बिना फिटनेस और सुरक्षा मानकों के सड़कों पर चल रहे हैं, जिससे दुर्घटनाएं, ट्रैफिक जाम और जान-माल का खतरा बढ़ रहा है।
108 हादसे, 26 मौतें
याचिका में ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया है कि 1 जनवरी से 20 अगस्त 2025 के बीच ई-रिक्शा से जुड़ी 108 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 26 लोगों की मौत और 130 लोग घायल हुए। औसतन हर महीने तीन लोगों की जान गई।
याचिका में यह भी कहा गया है कि दिल्ली गजट अधिसूचना के तहत 236 सड़कों पर ई-रिक्शा चलाने और पार्किंग पर प्रतिबंध है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका सख्ती से पालन नहीं हो रहा है।
सख्त नियमन और सुरक्षा उपायों की मांग
याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि सरकार की ई-रिक्शा सेवा योजना और केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार एक सख्त नियामक ढांचा लागू किया जाए। इसमें अनिवार्य रजिस्ट्रेशन, हर तीन साल में फिटनेस सर्टिफिकेट, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, चालक के अलावा अधिकतम चार यात्रियों की सीमा और अन्य सुरक्षा उपाय शामिल हों।
इसके साथ ही बिना रजिस्ट्रेशन, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा या वैध लाइसेंस के चल रहे ई-रिक्शाओं को जब्त करने के निर्देश देने की भी मांग की गई है।