अनजाने में भी पालतू कुत्ते का पड़ोसी पर हमला अपराध: सुप्रीम कोर्ट

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देवभूमि न्यूज 24.इन
नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से जुड़ी याचिकाओं पर गुरुवार को अहम सुनवाई करते हुए सख्त टिप्पणी की। अदालत ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी पालतू कुत्ते द्वारा अनजाने में भी किसी पड़ोसी पर हमला किया जाता है, तो वह एक अपराध की श्रेणी में आएगा। इस मामले में सुनवाई शुक्रवार को भी जारी रहेगी।
सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट सी यू सिंह, कृष्णन वेणुगोपाल, ध्रुव मेहता, गोपाल संकरनारायणन, श्याम दिखान, सिद्धार्थ लूथरा और करुणा नंदी सहित कई वरिष्ठ वकीलों ने अपने-अपने तर्क रखे।
एमिकस क्यूरी ने रखी स्थिति
सुनवाई की शुरुआत में एमिकस क्यूरी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव अग्रवाल ने बेंच को बताया कि बुधवार को चार राज्यों ने इस मामले में अपने अनुपालन हलफनामे दाखिल किए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे बड़े शहरों में चूहों का गंभीर प्रकोप है और राजधानी में बंदरों की समस्या भी बनी हुई है। यदि कुत्तों को अचानक हटाया गया, तो चूहों की आबादी तेजी से बढ़ेगी, जिसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं।
इस पर जस्टिस मेहता ने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा,
“अगर ऐसा है तो कुत्ते और बिल्लियां तो दुश्मन हैं। बिल्लियां चूहों को मारती हैं, तो क्या हमें बिल्लियों को बढ़ावा देना चाहिए?”
स्टरलाइजेशन पर जोर
वरिष्ठ अधिवक्ता सी यू सिंह ने कहा कि वे कोर्ट के आदेशों पर सवाल नहीं उठा रहे हैं, बल्कि केवल उन्हें दोबारा देखने और आवश्यक संशोधन करने का अनुरोध कर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि कुत्तों की आबादी को स्टरलाइजेशन, वैक्सीनेशन और उसी क्षेत्र में वापस छोड़ने के तरीके से नियंत्रित किया जाना चाहिए।